Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Lok Sabha Update: भारी हंगामे के कारण पीएम मोदी का संबोधन रद्द, 8 सांसदों के निलंबन और नरवणे की किता... Kishtwar Encounter: किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़, एक आतंकी ढेर; ऑपरेशन अभ... MP Politics: 'ब्राह्मण समाज सबकी आंखों में खटक रहा है...', बीजेपी विधायक गोपाल भार्गव के बयान से मध्... Rajya Sabha Update: लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में टकराव के आसार! PM मोदी के भाषण से पहले कांग्रेस ने... Pune-Mumbai Expressway: पुणे एक्सप्रेस-वे पर 24 घंटे से लगा महाजाम, हजारों गाड़ियां फंसी; सीएम फडणवी... बृहस्पति के बादलों के पीछे छिपा है एक विशाल रहस्य बड़े नेताओं की अग्निपरीक्षा का दौर अब चालू हो गया सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री के तौर पर ममता बनर्जी का नया रिकार्ड जनरल नरवणे की चर्चा कर राहुल ने फिर घेरा भारत और अमेरिका व्यापार समझौते पर जानकारी पर बवाल

Bikaner Khejri Movement: बीकानेर में पेड़ों के लिए ‘आर-पार’ की जंग, 3 दिन से जारी आंदोलन में 5 की तबीयत बिगड़ी; जानें पूरा मामला

राजस्थान के बीकानेर में खेजड़ी वृक्षों को बचाने की मांग को लेकर ‘पर्यावरण संघर्ष समिति’ के बैनर तले चल रहा महापड़ाव लगातार तीसरे दिन भी जारी है. आंदोलन अब और उग्र रूप लेने की ओर बढ़ रहा है. बिश्नोई समाज के संतों और पर्यावरण प्रेमियों में सरकार के प्रति रोष लगातार बढ़ता जा रहा है.

खेजड़ी बचाने के लिए सख्त कानून बनाने सहित दो सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहे इस आंदोलन में अब तक 363 संत और पर्यावरण प्रेमी आमरण अनशन पर बैठे हैं. इस दौरान करीब 5 लोगों की तबीयत बिगड़ चुकी है, जिसके चलते आंदोलन स्थल पर ही एक अस्थाई अस्पताल बनाया गया है, जहां डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की टीम तैनात है.

संत सच्चिदानंद ने कहा कि पत्थर कठोर होता है, उसे तोड़ने के लिए कठोर बनना पड़ता है. सरकार नाजुक तरीकों से नहीं मान रही है, इसलिए साधु-संत और पर्यावरण प्रेमी अनशन पर बैठे हैं. उन्होंने सरकार से मांग की कि खेजड़ी सहित 50 वर्ष से अधिक पुराने किसी भी पेड़ को किसी भी परियोजना में काटने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए. यदि कहीं पेड़ काटे जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

कानून नहीं बना तो हम प्राण देने को तैयार

साथ ही सरकार द्वारा किए गए एमओयू को भी निरस्त करने की मांग की गई. संघर्ष समिति के परसराम बिश्नोई ने कहा कि सरकार हर बार कानून बनाने का आश्वासन देती है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा कि आखिर कानून कब बनेगा. जब तक सरकार तारीख नहीं बताएगी, तब तक अनशन जारी रहेगा. उन्होंने अमृता देवी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने पेड़ों की रक्षा के लिए सिर कटवा दिए थे और अगर कानून नहीं बना तो हम प्राण त्यागने को तैयार हैं.

साधु-संतों ने दो टूक कहा कि उनका अंतिम लक्ष्य सिर्फ पेड़ बचाना है. सनातन की सरकार है, लेकिन उस पर कोई असर नहीं पड़ रहा, यह कहना है आंदोलनरत संतों का. वहीं भागीरथ तेतरवाल ने मांग की कि जब तक ट्री प्रोटेक्शन एक्ट लागू नहीं हो जाता, तब तक एक भी पेड़ नहीं काटा जाए.

नेताओं का समर्थन

‘खेजड़ी बचाओ आंदोलन’ को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोशल मीडिया पर खेजड़ी की पूजा करते हुए फोटो साझा कर आंदोलन का समर्थन किया. उन्होंने लिखा कि, राजनीति से ऊपर उठकर खेजड़ी और ओरण (गोचर भूमि) के संरक्षण के लिए सभी को आगे आना चाहिए. कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए जल्द कानून बनाने की मांग दोहराई.

टेंटों में गुजारी रात

राजस्थान सहित प्रदेशभर से आए प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने से बिश्नोई धर्मशाला छोटी पड़ गई. बड़ी संख्या में लोगों ने टेंटों में ही रात गुजारी. वहीं कुछ प्रदर्शनकारी पूरी रात जागते रहे. उधर, आंदोलन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. कलेक्ट्रेट पर सुरक्षा के लिए STF तैनात की गई है. आंदोलन से जुड़े नेताओं से लगातार संपर्क किया जा रहा है.