बीते कल की आग आज सदन में और भड़क उठी
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नाराज विपक्ष का सदन से वॉकआउट
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रिजिजू ने रखा था निलंबन का प्रस्ताव
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राज्यसभा में भी इस विवाद की आंच पहुंच
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: संसद के भीतर मंगलवार को अभूतपूर्व हंगामा देखने को मिला, जिसके परिणामस्वरूप कांग्रेस के आठ सांसदों को लोकसभा से शेष बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। सरकार ने इन सांसदों पर अमर्यादित व्यवहार का आरोप लगाया है, जिसमें सदन की कार्यवाही के दौरान कागज फाड़ना और उन्हें आसन की ओर फेंकना शामिल है।
यह घटना दोपहर 3 बजे हुई जब बार-बार स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने कांग्रेस के आठ सांसदों को दुर्व्यवहार के लिए नामित किया। इसके तुरंत बाद, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उन्हें 2 अप्रैल तक चलने वाले बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने ध्वनि मत से पारित कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ने इस घटना को संसदीय मर्यादा का उल्लंघन करार दिया। निलंबित सांसदों में हिबी ईडन, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, मणिकम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत पड़ोले, एस. वेंकटरामन और डीन कुरियाकोस शामिल हैं।
संसद के बाहर, विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा से भाग रही है और बहुमत का उपयोग विपक्ष की आवाज दबाने के लिए कर रही है। यह तनाव तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के संस्मरण के अंशों पर आधारित एक लेख का हवाला देने से रोक दिया गया, जो 2020 के भारत-चीन संघर्ष से जुड़ा था।
हंगामे की आंच राज्यसभा तक भी पहुँची, जहाँ भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने वॉकआउट किया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि व्यापार समझौते की जानकारी संसद के बजाय वाशिंगटन से मिल रही है। जवाब में सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और जल्द ही बयान जारी करेगी।
नड्डा ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय सामानों पर टैरिफ कम करने की घोषणा की है, लेकिन विपक्ष इसे नकारात्मक नजरिए से देख रहा है। उन्होंने कांग्रेस के व्यवहार को लोकतंत्र के लिए घातक बताया। विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी जारी रखते हुए आरोप लगाया कि राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता किया जा रहा है, जिसके बाद सदन की कार्यवाही बाधित हुई।