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इसका हाल भी बाद में धनखड़ जैसा होगाः ममता बनर्जी

चुनाव आयुक्तों की बैठक को बीच में छोड़कर बाहर निकला टीएमसी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः नई दिल्ली के बंग भवन से सोमवार सुबह जो राजनीतिक हलचल शुरू हुई थी, वह चुनाव आयोग के कार्यालय तक पहुँचते-पहुँचते एक बड़े विवाद में बदल गई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर अहंकारी व्यवहार और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की बैठक का बीच में ही बहिष्कार कर दिया। ममता बनर्जी के साथ अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी के अलावा उन 12 परिवारों के सदस्य भी मौजूद थे, जो एसआईआर प्रक्रिया से प्रभावित हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार, लगभग एक घंटे तक चली इस बैठक में माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब ममता बनर्जी ने योजनाविहीन एसआईआर प्रक्रिया और उसके कारण हुई मौतों का मुद्दा उठाया। ममता ने सवाल किया कि इस प्रक्रिया के दौरान जिन 150 लोगों की मृत्यु हुई और जो अस्पताल में भर्ती हैं, उनकी जिम्मेदारी कौन लेगा? तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि जब वे तार्किक सवाल पूछ रहे थे, तब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कथित तौर पर कहा, आपकी बात क्यों सुनूँ? और बार-बार चर्चा को टालने के लिए अरे छोड़िए ना जैसे शब्दों का प्रयोग किया।

बैठक के दौरान ममता और अभिषेक बनर्जी ने आयोग के सामने सवाल किया कि एसआईआर प्रक्रिया केवल पश्चिम बंगाल में ही क्यों लागू की जा रही है, असम में क्यों नहीं? क्या माइक्रो-ऑब्जर्वर को किसी विशेष एजेंडे के तहत भेजा गया है? सीमा खन्ना नामक अधिकारी द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके मतदाता सूची से नाम हटाने पर भी सवाल उठाए गए।

बैठक से बाहर निकलते समय ममता बनर्जी ने पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ का उदाहरण देते हुए आयोग को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि आयोग भाजपा के पक्ष में काम करेगा, तो उनका हश्र भी धनखड़ जी जैसा होगा।

ममता बनर्जी अपने साथ जिन 12 लोगों को ले गई थीं, उनमें से 10 हिंदू और 2 अल्पसंख्यक परिवारों से थे। टीएमसी नेतृत्व का तर्क है कि वे यह दिखाना चाहते थे कि भाजपा जिस एसआईआर प्रक्रिया को घुसपैठियों के खिलाफ बता रही है, उससे सबसे अधिक प्रभावित हिंदू परिवार ही हुए हैं।

ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि चुनाव आयोग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करता है, तो वे आने वाले समय में और अधिक लोगों के साथ दिल्ली में बड़ा आंदोलन करेंगी। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, आयोग के साथ भाजपा है, लेकिन हमारे साथ जनता है। देखते हैं किसकी ताकत ज्यादा है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने सभी सवालों के जवाब दिए हैं, जिस पर टीएमसी ने बैठक की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है।