अब वेनेजुएला से तेल लेगा भारतः डोनाल्ड ट्रंप
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एयरफोर्स वन पर पत्रकारों से वार्ता
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भारत को पाले में रखने की कवायद
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रूसी तेल की वजह से टैरिफ लगा था
फ्लोरिडाः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक तेल राजनीति में हलचल मचा दी है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर पहले से ही हमलावर रहे ट्रंप ने अब दावा किया है कि भारत जल्द ही ईरान के विकल्प के रूप में वेनेजुएला से तेल खरीदना शुरू करेगा।
वाशिंगटन डीसी से फ्लोरिडा की यात्रा के दौरान एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि चीन और भारत जैसे देश अब वेनेजुएला के साथ तेल सौदों की ओर बढ़ रहे हैं। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा, भारत अब ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। हमने इस समझौते की रूपरेखा तैयार कर ली है।
ट्रंप का यह बयान उनकी उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत वे वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर नियंत्रण और मुनाफा कमाना चाहते हैं। हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाकर वहां डेलसी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाने में अमेरिका की अहम भूमिका रही है।
हालांकि भारत सरकार ने ट्रंप के इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डॉलोसी रोड्रिगेज से फोन पर बात की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि दोनों देश ऊर्जा, निवेश और व्यापार में अपनी साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सहमत हैं।
दिलचस्प बात यह है कि मार्च 2025 तक ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला से तेल खरीदने पर भारत को सजा देने की धमकी दे रहा था। लेकिन अब जबकि वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर अमेरिका का प्रभाव बढ़ गया है, ट्रंप खुद भारत को वहां से तेल खरीदने के लिए प्रेरित (या दबाव) कर रहे हैं।
ट्रंप रूस से तेल खरीदने के कारण भारतीय सामानों पर पहले ही 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा चुके हैं। वेनेजुएला का विकल्प देकर अमेरिका भारत को रूस और ईरान के प्रभाव से दूर करना चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप वेनेजुएला के तेल को बेचकर अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती देना चाहते हैं और इसके लिए वे भारत जैसे बड़े खरीदारों को इस डील में शामिल होने के लिए मजबूर कर रहे हैं।