Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Women Reservation Bill: महिला आरक्षण के मुद्दे पर NDA का बड़ा ऐलान, विपक्ष के खिलाफ कल देशभर में होग... Sabarimala Case: आस्था या संविधान? सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की बेंच के सामने तीखी बहस, 'अंतरात्मा की... Rahul Gandhi Case: दोहरी नागरिकता मामले में राहुल गांधी की बढ़ेंगी मुश्किलें, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने द... Singrauli Bank Robbery: सिंगरौली में यूनियन बैंक से 20 लाख की डकैती, 15 मिनट में कैश और गोल्ड लेकर फ... Delhi Weather Update: दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से बदला मौसम, IMD ने अगले 24 घंटों के लिए जारी किया... Jhansi Viral Video: झांसी के ATM में घुस गया घोड़ा! गेट बंद होने पर मचाया जमकर बवाल; वीडियो हुआ वायर... Amit Shah in Lok Sabha: 'कांग्रेस ही OBC की सबसे बड़ी विरोधी', महिला आरक्षण पर अमित शाह ने विपक्ष को... Women Reservation Bill: महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल गिरा, विपक्ष ने कहा- 'बीजेपी... Haryana Revenue: अब राजस्व संबंधी शिकायतों का 48 घंटे में होगा समाधान, हरियाणा सरकार ने शुरू की नई स... Gurugram News: अवैध पेड़ कटाई पर NGT का बड़ा एक्शन, हरियाणा सरकार को 4 हफ्ते का अल्टीमेटम; रिपोर्ट न...

प्रकाश की सहायता से किया सूचना का टेलीपोर्टेशन

क्वांटम क्रिप्टोग्राफी की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयोग सफल

  • पहला प्रयोग सिर्फ दस फीट तक रहा

  • फोटोन के सहारे ही ऐसा किया गया

  • डेटा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

राष्ट्रीय खबर

रांचीः आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। अपराधी बैंक खातों में सेंध लगाने से लेकर पहचान चोरी तक कर रहे हैं, और एआई इन हमलों को और अधिक सटीक बना रहा है। ऐसे में क्वांटम क्रिप्टोग्राफी सुरक्षा की एक नई उम्मीद बनकर उभरी है। स्टटगार्ट विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ सेमीकंडक्टर ऑप्टिक्स एंड फंक्शनल इंटरफेस के शोधकर्ताओं ने हाल ही में क्वांटम रिपीटर के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।

आईएचएफजी के प्रमुख प्रोफेसर पीटर मिचलर के अनुसार, दुनिया में पहली बार दो अलग-अलग क्वांटम डॉट्स से उत्पन्न फोटोन के बीच क्वांटम जानकारी को सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया गया है। सामान्य संचार में डेटा 0 और 1 के रूप में चलता है। क्वांटम संचार में भी यही सिद्धांत है, लेकिन यहाँ सूचना के वाहक एकल फोटोन होते हैं। इन फोटोन की ध्रुवीकरण दिशा के माध्यम से डेटा कोड किया जाता है। क्वांटम मैकेनिक्स के नियमों के कारण, यदि कोई इस संचार को बीच में रोकने या मापने की कोशिश करता है, तो उसके निशान छूट जाते हैं, जिससे हैकिंग का तुरंत पता चल जाता है।

देखें इससे संबंधित वीडियो

क्वांटम रिपीटर की आवश्यकता वर्तमान इंटरनेट बुनियादी ढांचे में ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग होता है, जहाँ सिग्नल लगभग 50 किलोमीटर के बाद कमजोर हो जाते हैं। सामान्य सिग्नल को एम्पलीफायर से बढ़ाया जा सकता है, लेकिन क्वांटम जानकारी को न तो कॉपी किया जा सकता है और न ही एम्पलीफाई। यहीं क्वांटम टेलीपोर्टेशन काम आता है। इसके माध्यम से जानकारी को एक फोटोन से दूसरे में स्थानांतरित किया जाता है, भले ही सूचना अज्ञात हो।

इस प्रयोग के लिए वैज्ञानिकों ने ऐसी सेमीकंडक्टर लाइट सोर्स विकसित कीं, जो लगभग एक जैसे फोटोन उत्सर्जित करती हैं। प्रयोग के दौरान, एक क्वांटम डॉट ने एक एकल फोटोन उत्सर्जित किया और दूसरे ने एक उलझा हुआ फोटोन जोड़ा बनाया। जब ये फोटोन आपस में मिलते हैं, तो उनकी सुपरपोजिशन मूल फोटोन की जानकारी को दूर स्थित दूसरे फोटोन तक स्थानांतरित कर देती है। इस प्रक्रिया में क्वांटम फ्रीक्वेंसी कन्वर्टर्स का भी उपयोग किया गया, ताकि फोटोन के बीच आवृत्ति के अंतर को ठीक किया जा सके।

वर्तमान में यह प्रयोग 10 मीटर की दूरी पर सफल रहा है और इसकी सटीकता 70 फीसद से थोड़ी अधिक है। हालांकि, पिछले शोधों ने दिखाया है कि यह जुड़ाव 36 किलोमीटर तक सुरक्षित रह सकता है। शोध टीम अब सेमीकंडक्टर निर्माण तकनीकों को बेहतर बना रही है ताकि इस सफलता दर को और बढ़ाया जा सके। यह खोज भविष्य के सुरक्षित क्वांटम इंटरनेट की दिशा में एक बड़ा कदम है।

#QuantumTeleportation #QuantumInternet #PhysicsNews #CyberSecurity #FutureTech #क्वांटम_टेलीपोर्टेशन #क्वांटम_इंटरनेट #विज्ञान_समाचार #साइबर_सुरक्षा #भविष्य_की_तकनीक