Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
आई एजेंट्स ने साइबर सुरक्षा टेस्टिंग के दौरान बनाई फर्जी ऑनलाइन पहचान, यूके AI सिक्योरिटी इंस्टीट्यू... सावन में गूंज रहे 'हर-हर महादेव' के जयकारे, डिंडौरी के ऋण मुक्तेश्वर धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सै... तंदुरुस्त दिखने वाले बॉडीबिल्डर क्यों हो रहे अचानक अकाल मृत्यु के शिकार? 2025 के आंकड़े डरा रहे दिल्ली-एनसीआर में 10 अगस्त तक थमने वाली नहीं बारिश! यूपी, बिहार और एमपी में अति भारी वर्षा का अलर्ट ... केरल और असम में बारिश-बाढ़ का तांडव: केरल में 25 और असम में 87 मौतें; 8 जिलों में रेड अलर्ट जारी आवारा कुत्तों व मवेशियों की समस्या पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त: यूपी सरकार को 2 हफ्ते में व्यापक एक्शन... गिरिडीह में आसमानी बिजली का कहर! 4 मासूम बच्चों समेत 5 लोगों की दर्दनाक मौत, क्षेत्र में शोक की लहर महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल के संकेत! मंत्रियों की ढिलाई पर भड़के एकनाथ शिंदे, संगठन विस्त... भोपाल जंगल सोना-कैश कांड: पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से मिली जमानत, 18 महीने बा... सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पेट्रोल पंप पर नहीं मिलेगा ईंधन, नए वाह...

कैप्टन सुमित कपूर के खींच ले गयी नियति

अजीत पवार का प्लेन नहीं उड़ाना था उन्हें

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः कैप्टन सुमित कपूर के मित्रों और सहयोगियों के अनुसार, उन्हें इस चार्टर विमान को उड़ाने की पूर्व निर्धारित जिम्मेदारी नहीं दी गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, वह केवल इसलिए विमान के कॉकपिट में थे क्योंकि मूल रूप से तय किए गए पायलट ट्रैफिक जाम में फंस गए थे।

कपूर, जो कुछ ही दिन पहले हांगकांग से लौटे थे, को उड़ान से महज कुछ घंटे पहले यह निर्देश मिला कि उन्हें अजित पवार को मुंबई से बारामती ले जाना है। कैप्टन कपूर ने सुबह करीब 8:10 बजे मुंबई से लियरजेट 45 विमान में उड़ान भरी। सुबह 8:45 बजे बारामती हवाई अड्डे पर उतरते समय, खराब दृश्यता के कारण विमान का संतुलन बिगड़ गया। दूसरे प्रयास के दौरान विमान रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई। इस हादसे में अजित पवार सहित सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

कैप्टन सुमित कपूर के पास 16,000 घंटे से अधिक उड़ान का विशाल अनुभव था। जहाँ शुरुआती जांच पायलट की गलती की ओर इशारा कर रही है, वहीं उनके करीबी मित्र इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि इतने अनुभवी पायलट से ऐसी चूक होना लगभग असंभव है। मित्रों ने मांग की है कि हादसे की गहन जांच की जाए ताकि तकनीकी खराबी या अन्य कारणों का पता चल सके।

कैप्टन कपूर के परिवार में उड़ानों के प्रति गहरा लगाव हैय़ उनके बेटे और दामाद भी पायलट हैं। उनके दोस्तों ने उन्हें एक बेहद दयालु और मिलनसार व्यक्ति के रूप में याद किया। दिल्ली के पंजाबी बाग श्मशान घाट में हुए उनके अंतिम संस्कार के दौरान उनके मित्रों ने बताया कि उनकी पहचान उनके हाथ में पहने ब्रेसलेट से हुई, क्योंकि विमान में विस्फोट के कारण स्थिति बेहद विदारक थी।