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डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ चली गयी स्पेन की सरकार

पांच लाख प्रवासियों को दी कानूनी मान्यता

मैड्रिड: वैश्विक राजनीति में जहाँ एक ओर संरक्षणवाद और सीमाओं को सख्त करने की लहर चल रही है, वहीं स्पेन ने एक क्रांतिकारी कदम उठाकर दुनिया को चौंका दिया है। स्पेन की समाजवादी नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने आधिकारिक तौर पर एक नई शाही डिक्री को मंजूरी दी है, जिसके माध्यम से देश में रह रहे लगभग 5,00,000 अवैध प्रवासियों को वैध बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राज्य अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन प्रवासियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर निर्वासन और सख्त सीमा नीतियों को लागू कर रहा है।

स्पेन सरकार द्वारा स्वीकृत इस नए कानून का उद्देश्य उन लोगों को मुख्यधारा में लाना है जो लंबे समय से समाज के हाशिए पर रह रहे थे। इस योजना के तहत, वे सभी प्रवासी जो 31 दिसंबर 2025 से पहले स्पेन में प्रवेश कर चुके हैं, वे आवेदन करने के पात्र होंगे। आवेदकों के लिए अनिवार्य है कि वे कम से कम पांच महीने से स्पेन में निवास कर रहे हों। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आवेदक का कोई अपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। पात्र व्यक्तियों को शुरुआत में एक साल का निवास और वर्क परमिट दिया जाएगा, जिसे बाद में नवीनीकृत किया जा सकता है और अंततः यह उन्हें स्पेनिश नागरिकता दिलाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ और उनके मंत्रियों ने इस साहसिक कदम के पीछे ठोस आर्थिक तर्क दिए हैं। स्पेन वर्तमान में एक गंभीर जनसांख्यिकीय संकट से गुजर रहा है। देश की जन्म दर लगातार गिर रही है और बुजुर्गों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। सरकार का मानना है कि स्पेन की पेंशन प्रणाली और सामाजिक सुरक्षा ढांचे को बनाए रखने के लिए हर साल हजारों नए श्रमिकों की आवश्यकता है।

सरकारी अनुमानों के अनुसार, इन प्रवासियों को कानूनी दर्जा देने से वे औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनेंगे। इससे न केवल वे शोषण से बचेंगे, बल्कि वे आयकर और अन्य करों का भुगतान भी करेंगे। स्पेनिश अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्र, जैसे कि कृषि, निर्माण और आतिथ्य सत्कार, वर्तमान में मजदूरों की भारी कमी का सामना कर रहे हैं, जिसे ये प्रवासी कार्यबल पूरा कर सकते हैं।

स्पेन का यह उदारवादी मॉडल शेष यूरोप के लिए एक बड़ी चुनौती और बहस का विषय बन गया है। जहाँ इटली, हंगरी और यहाँ तक कि जर्मनी जैसे देश अब अपनी सीमाओं पर नियंत्रण कड़ा कर रहे हैं और अवैध प्रवासियों को वापस भेजने की नीतियां बना रहे हैं, वहीं स्पेन ने खुले दरवाजे की नीति अपनाई है। यूरोपीय संघ के भीतर इस बात को लेकर चिंता है कि स्पेन के इस कदम से पुल फैक्टर पैदा होगा, जिससे भविष्य में और अधिक अवैध प्रवासी स्पेन के रास्ते यूरोप में प्रवेश करने की कोशिश करेंगे।

स्पेन की यह नीति न केवल एक प्रशासनिक बदलाव है, बल्कि एक बड़ा सामाजिक प्रयोग भी है। सरकार का मानना है कि प्रवासियों को कानूनी रूप से एकीकृत करना उन्हें समाज का उत्पादक हिस्सा बनाने का सबसे प्रभावी तरीका है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो यह अन्य यूरोपीय देशों के लिए भी एक उदाहरण पेश कर सकता है जो इसी तरह के जनसांख्यिकीय संकट का सामना कर रहे हैं। हालांकि, अल्पकालिक रूप से, यह कदम स्पेन के भीतर ध्रुवीकरण को बढ़ा सकता है और आगामी चुनावों में एक प्रमुख मुद्दा बन सकता है।