शीतकाल के अंतिम चरण में कुदरत का कहर भारी
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को हुई भारी बर्फबारी ने पूरी घाटी के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहाँ एक ओर पहाड़ों पर फंसे सेना के 40 जवानों को सुरक्षित निकाला गया, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने और विमान सेवाओं के रद्द होने से सैकड़ों पर्यटक घाटी में फंस गए हैं।
बर्फबारी के बीच सबसे बड़ी राहत की खबर डोडा जिले से आई। यहाँ ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फ के कारण सेना के 40 जवान फंस गए थे। सीमा सड़क संगठन और सेना ने एक समन्वित अभियान चलाकर चुनौतीपूर्ण मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सभी जवानों को सुरक्षित निकाल लिया। रक्षा सूत्रों के अनुसार, बर्फ से ढके रास्तों को साफ कर सैनिकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की गई, जो सुरक्षा बलों की त्वरित तैयारी को दर्शाता है।
बर्फबारी का सबसे ज्यादा असर आवाजाही पर पड़ा है। कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला एकमात्र राष्ट्रीय राजमार्ग काजीगुंड और बनिहाल के पास ‘नवयुग सुरंग‘ पर भारी बर्फ जमा होने के कारण बंद कर दिया गया है। श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आने-जाने वाली सभी 58 उड़ानें रद्द कर दी गईं। हवाई अड्डा अधिकारियों के अनुसार, रनवे पर लगातार गिरती बर्फ के कारण उड़ान भरना असुरक्षित था। बनिहाल और बडगाम के बीच सुबह के समय ट्रेनें प्रभावित रहीं, हालांकि ट्रैक साफ होने के बाद सेवाएं बहाल कर दी गईं।
हवाई अड्डे पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे आशीष और हर्षिता जैसे कई नवविवाहित जोड़ों को उड़ान रद्द होने के कारण वापस होटलों का रुख करना पड़ा। वहीं, नागपुर से आए वकार-उद-दीन काजी जैसे कुछ पर्यटक स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सहयोग की सराहना कर रहे हैं। कुछ सैलानी इस देरी के बावजूद बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने गंदरबल सहित 11 जिलों के लिए हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। 2,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए उच्च खतरे की चेतावनी दी गई है। स्थानीय पुलिस भी मुस्तैद दिखी; कई दुर्गम क्षेत्रों में पुलिसकर्मी मरीजों को स्ट्रेचर पर उठाकर अस्पताल पहुँचाते नजर आए। मौसम विभाग ने बुधवार को भी हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों को ऊंचे इलाकों में जाने से बचने और केवल आधिकारिक सलाह का पालन करने का निर्देश दिया है।