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धान खरीदी की अंतिम तिथि नजदीक! उठाव बंद होने से बढ़ी टेंशन, क्या किसानों को मिलेगी राहत और बढ़ेगी लास्ट डेट?

कोरबा: समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में धान के रीसाइकलिंग की शिकायत के बाद प्रदेश भर में धान के उठाव पर बैन लगा दिया गया है. शनिवार को यह बैन लगाया गया था, जो सोमवार को भी जारी रहा. केंद्रों में धान जाम होने जैसी स्थिति बन गई है. कई उपार्जन केंद्र ऐसे हैं, जहां बफर लिमिट क्रॉस हो चुका है. शासन स्तर पर रोक के कारण धान का उठाव नहीं किया जा रहा है. जिससे राइस मिलर्स से लेकर किसान तक सभी परेशान हैं. फड़ प्रबंधकों और समितियां की टेंशन बढ़ी हुई है. धान खरीदी के लिए अंतिम 10 दिन ही शेष रह गए हैं.

धान खरीदी की बढ़ सकती है तारीख

वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदने की तिथि को आगे बढ़ाया जा सकता है. फिलहाल उठाव पर रोक लगने से बेहद नाजुक स्थिति बनी हुई है. कई समितियां ऐसी हैं, जिनके प्रबंधकों ने प्रशासनिक अधिकारियों को धान जाम होने की शिकायतें की हैं. धान खरीदी बंद होने की संभावना जताई है.

जिले में अब तक इतने धान की हुई खरीदी

छत्तीसगढ़ सरकार खरीफ वर्ष 2025-26 में कोरबा जिले के 65 धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों से धान की खरीदी कर रही है. जिले में 52 हजार से अधिक किसान धान विक्रय के लिए पंजीकृत हैं. जिले में धान खरीदी की शुरूआत से अब तक 21 लाख 34 हजार 220 क्विंटल गुणवत्तायुक्त धान पंजीकृत किसानों से खरीदी की गई है. कोरबा जिले में अब तक कुल 14 लाख 13 हजार 970 क्विंटल धान का उठाव हो चुका है. जिला प्रशासन द्वारा जारी डीओ अंतर्गत हाथी प्रभावित क्षेत्रों और संवेदनशील उपार्जन केंद्रों से प्राथमिकता से धान का उठाव के निर्देश थे, शासन से उठाव पर बैन के कारण स्थिति विपरीत बनी हुई है.

समितियां को स्टैकिंग करने के जारी किए गए आदेश

किसानों को धान बेचने में परेशानी न हो, साथ ही किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संग्रहण केन्द्रों की व्यवस्था और समितियों में धान की स्टैकिंग कराकर स्थान बनाने के आदेश दिए गए हैं. लेकिन कई उपार्जन केंद्र ऐसे हैं जहां अतिरिक्त धान रखने के लिए चबूतरे खाली नहीं है, जगह काफी छोटी है. ऐसे में उठाव नहीं होने की स्थिति में उपार्जन केंद्रों में धान जाम होने की स्थिति निर्मित हो रही है. प्रशासन ने स्टैकिंग करने के आदेश जरूर दे दिए हैं. लेकिन स्थान नहीं होने के कारण सभी उपार्जन केंद्रों में ऐसा करना संभव नहीं है. स्टैकिंग के लिए स्थान रिक्त नहीं होने पर किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने में बेहद परेशानी होगी.

जिला खाद्य अधिकारी व धान खरीदी के नोडल घनश्याम कंवर ने बताया कि उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव फिलहाल नहीं किया जा रहा है. शासन स्तर से ही फिलहाल रोक लगाई गई है. कुछ समितियों ने धान जाम होने की शिकायतें भी की हैं. सभी को स्टैकिंग कर अतिरिक्त स्थान पर धान रखते हुए सुचारू रूप से किसानों से धान खरीदी करने के निर्देश दिए गए हैं. शासन स्तर से आगामी आदेशों का इंतजार किया जा रहा है.