Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
प्रयोगशाला में विकसित रीढ़ ठीक होने में सक्षम Election Commission: दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड समेत 23 राज्यों में कब लागू होगा SIR? चुनाव आयोग ने ... India-UAE Relations: AI समिट के बहाने भारत-यूएई रिश्तों को नई रफ्तार, पीएम मोदी से मिले क्राउन प्रिं... Delhi Politics: दिल्ली की जनता को फिर याद आए अरविंद केजरीवाल! आम आदमी पार्टी ने बीजेपी सरकार की कार्... Bihar Politics: राज्यसभा की 5 सीटों के लिए बिछी सियासी बिसात, पांचवीं सीट के लिए ओवैसी (AIMIM) बनेंग... Atal Canteen: गरीबों को भरपेट भोजन देने का संकल्प! दिल्ली के कृष्णा नगर से 25 नई 'अटल कैंटीनों' का भ... Vaishno Devi to Shiv Khori: मां वैष्णो देवी से शिवखोड़ी की यात्रा हुई आसान, हेलीकॉप्टर से सिर्फ 20 म... गुणवत्ता के लिए ऑथेंटिसिटी लेबल बनेः नरेंद्र मोदी बिना अनुमति देश नहीं छोड़ने का दिया आश्वासन यह मामला हमेशा के लिए नहीं चल सकता

Ganesh Jayanti 2026: 22 या 23 जनवरी? जानें कब है गणेश जयंती की सही तारीख और बप्पा के स्वागत का शुभ मुहूर्त

Ganesh Jayanti 2026 Date: भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है. जब जीवन में राहें उलझती हैं, काम अटकते हैं या मन अस्थिर होता है, तब सबसे पहले गणपति बप्पा का ही स्मरण किया जाता है. ऐसे में गणेश जयंती का पर्व केवल एक तिथि नहीं, बल्कि विश्वास, भक्ति और नई शुरुआत का प्रतीक है. हर साल की तरह इस बार भी लोगों के मन में यही सवाल है कि गणेश जयंती 22 जनवरी को मनाई जाए या 23 जनवरी को? आइए, इस कंफ्यूजन को एक क्लिक में दूर कर लेते हैं.

कब है गणेश जयंती? 22 या 23 जनवरी?

पंचांग की गणना के अनुसार,

  • चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 22 जनवरी 2026 को रात 02:47 AM बजे.
  • चतुर्थी तिथि समाप्त: 23 जनवरी 2026 को रात 02:28 AM बजे.

चूंकि उदया तिथि और दोपहर का समय 22 जनवरी को मिल रहा है, इसलिए गणेश जयंती 22 जनवरी 2026, गुरुवार को ही मनाई जाएगी.

पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त

शास्त्रों के अनुसार, गणेश जी का जन्म दोपहर के समय हुआ था, इसलिए उनकी पूजा मध्याह्न काल में करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है.

  • मध्याह्न पूजा मुहूर्त: सुबह 11:05 से दोपहर 01:15 तक.
  • कुल अवधि: 2 घंटे 10 मिनट.

गणेश जयंती की पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें. एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें. यदि प्रतिमा धातु की है, तो गंगाजल या पंचामृत से अभिषेक करें. बप्पा को सिंदूर का तिलक लगाएं, उन्हें दूर्वा की 21 गांठें अर्पित करें. गणेश जी को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं. साथ ही फल और फूल चढ़ाएं. ॐ गं गणपतये नमः का जाप करें और आखिर में घी के दीपक से आरती उतारें.

गणेश जयंती का महत्व और लाभ

गणेश जयंती, जिसे माघ विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है, आध्यात्मिक रूप से बहुत शक्तिशाली दिन है. जैसा कि नाम है विघ्नहर्ता, इस दिन व्रत रखने से जीवन की बड़ी से बड़ी मुश्किलें दूर हो जाती हैं. बप्पा बुद्धि के देवता हैं. छात्रों और करियर में सफलता चाहने वालों के लिए यह दिन वरदान जैसा है. घर में कलह क्लेश दूर होते हैं और शांति का वास होता है. मान्यता के अनुसार, इस दिन की गई सच्चे मन से की गई प्रार्थना इस दिन खाली नहीं जाती है.