दक्षिणी अफ्रीका में कुदरत का कहर और जान हानि
जोहांसबर्गः दक्षिणी अफ्रीका के कई देश इस समय विनाशकारी बाढ़ की चपेट में हैं, जिसने पूरे क्षेत्र में हाहाकार मचा दिया है। मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान पर होने के कारण अब तक 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हफ्तों से जारी इस भारी बारिश ने दक्षिण अफ्रीका, मोजाम्बिक और जिम्बाब्वे जैसे देशों में बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए मास इवैक्यूएशन का आदेश दिया गया है।
लगातार हो रही बारिश के कारण नदियाँ अपनी सीमाओं को पार कर गई हैं, जिससे पुल बह गए हैं और मुख्य सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। इसके परिणामस्वरूप, सैकड़ों समुदाय मुख्य शहरों से पूरी तरह कट गए हैं। बिजली और संचार व्यवस्था ठप होने के कारण राहत कार्यों में भारी बाधा आ रही है। जिम्बाब्वे और मोजाम्बिक के ग्रामीण इलाकों में मिट्टी के घर ताश के पत्तों की तरह ढह गए हैं, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को अपना सामान बचाने तक का मौका नहीं मिला।
स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियां और सेनाएं राहत कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन जलस्तर बढ़ने और खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर सेवाओं के उपयोग में कठिनाई हो रही है। मौसम विज्ञान विभागों ने आने वाले दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसका अर्थ है कि अभी और अधिक विनाशकारी बारिश और चक्रवाती हवाएं चलने की आशंका है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि बारिश का सिलसिला नहीं थमा, तो बांधों के फटने का खतरा बढ़ सकता है, जो निचले इलाकों के लिए और भी बड़ी तबाही का कारण बनेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिणी अफ्रीका में मौसम का यह उग्र रूप जलवायु परिवर्तन का सीधा परिणाम है। पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में मौसम की अनिश्चितता बढ़ी है, जहाँ या तो अत्यधिक सूखा पड़ता है या फिर इस तरह की विनाशकारी बाढ़ आती है। वर्तमान संकट ने न केवल मानवीय जीवन को खतरे में डाला है, बल्कि कृषि और पशुधन को भी भारी नुकसान पहुँचाया है, जिससे आने वाले समय में खाद्य संकट पैदा होने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की जा रही है कि वे इस मानवीय त्रासदी से निपटने के लिए आपातकालीन सहायता प्रदान करें।