ऑपरेशन सिंदूर में दोनों पक्षों का सत्य अब सामने आ गया
-
अपग्रेड की योजना में 35 की चर्चा
-
यानी एक विमान नष्ट हो गया है
-
इन्हें और उन्नत बनाने पर काम जारी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल राफेल लड़ाकू विमानों को लेकर चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। भारत की अपनी राफेल फ्लीट को नवीनतम एफ4 स्टैंडर्ड में अपग्रेड करने की योजना से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत के पास वर्तमान में 35 राफेल विमान सक्रिय सेवा में हैं।
इसका सीधा अर्थ यह है कि मूल रूप से फ्रांस से खरीदे गए 36 विमानों में से एक विमान का नुकसान हो चुका है। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी दुर्घटना की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी, लेकिन अपग्रेडेशन का यह आंकड़ा सच बयां कर रहा है।
राफेल का एफ4 अपग्रेड भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा। इस अपग्रेड में रडार सिस्टम में सुधार, बेहतर हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले और नई मिसाइल प्रणालियों को एकीकृत करने की क्षमता शामिल है। इसके साथ ही, विमान के संचार तंत्र को अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा ताकि दुश्मन की इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं का मुकाबला किया जा सके। 35 विमानों को इस स्तर पर ले जाने का निर्णय यह दर्शाता है कि भारत अपनी हवाई सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है।
विमान के नुकसान को लेकर रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी तकनीकी खराबी या प्रशिक्षण के दौरान हुई घटना हो सकती है जिसे रणनीतिक कारणों से दबाकर रखा गया था। फिर भी, राफेल अभी भी भारतीय वायुसेना का सबसे घातक हथियार बना हुआ है। फ्रांस के साथ हुए इस सौदे ने भारत को चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर बढ़त दिलाई है।
अब 35 विमानों के साथ भारतीय वायुसेना न केवल अपनी वर्तमान ताकत को बनाए रखेगी, बल्कि उसे आधुनिक तकनीक से लैस कर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगी। यह अपग्रेड न केवल विमान की उम्र बढ़ाएगा, बल्कि इसकी सटीकता और हमला करने की क्षमता को भी विश्व स्तरीय स्तर पर ले जाएगा।