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प्रसाद खाने से आस पास के 40 लोग बीमार

लुधियाना के अयाली कलां गांव में लंगर का आयोजन

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़ः पंजाब के लुधियाना जिले से सटे अयाली कलां और अयाली खुर्द गांवों में मकर संक्रांति का पावन पर्व उस समय चिंता और अफरा-तफरी में बदल गया, जब एक धार्मिक समागम के दौरान वितरित किया गया प्रसाद श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य का संकट बन गया। इस दुखद घटना में लगभग 40 श्रद्धालु गंभीर रूप से बीमार पड़ गए, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित इस विशेष लंगर में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालु सेवा करने और मत्था टेकने पहुंचे थे।

घटनाक्रम के अनुसार, श्रद्धालुओं ने लंगर में बड़े चाव से प्रसाद के रूप में हलवा ग्रहण किया था। लेकिन खाने के कुछ ही घंटों के भीतर, एक-एक करके लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। बीमार होने वाले लोगों में मुख्य रूप से तीव्र पेट दर्द, लगातार उल्टी और दस्त के लक्षण देखे गए। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब बच्चों और बुजुर्गों ने शरीर में अत्यधिक कमजोरी और निर्जलीकरण की शिकायत की। पीड़ितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत निजी वाहनों और एम्बुलेंस की मदद से उन्हें नजदीकी अस्पतालों और डिस्पेंसरी में भर्ती कराया।

अस्पताल में उपचाराधीन एक महिला मरीज, मंजीत कौर ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह न केवल स्वयं लंगर में शामिल हुई थीं, बल्कि श्रद्धावश प्रसाद अपने घर भी ले गई थीं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के जिन-जिन सदस्यों ने वह हलवा खाया, उन सभी की तबीयत कुछ ही समय बाद खराब हो गई।

मंजीत कौर के अनुसार, प्रसाद का स्वाद उस समय सामान्य लग रहा था, लेकिन बाद में इसने पूरे परिवार को अस्पताल पहुंचा दिया। वर्तमान में, चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उपचार और ड्रिप चढ़ाए जाने के बाद अधिकांश मरीजों की हालत अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।

प्रशासनिक स्तर पर, स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। संबंधित पुलिस स्टेशन ऑफिसर ने घटनास्थल का दौरा किया और मीडिया को सूचित किया कि प्रथम दृष्टया यह मामला दूषित भोजन (फूड पॉइजनिंग) का प्रतीत होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंगर में परोसे गए हलवे को मुख्य संदिग्ध माना जा रहा है।

पुलिस ने चेतावनी दी है कि चिकित्सा रिपोर्ट और खाद्य नमूनों की जांच के बाद यदि किसी भी प्रकार की मिलावट या स्वच्छता में भारी लापरवाही पाई जाती है, तो आयोजकों या सामग्री आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर लंगर में इस्तेमाल किए गए घी, सूजी और चीनी के नमूने एकत्र किए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि विषाक्तता का असली कारण क्या था। स्थानीय निवासियों ने इस घटना पर रोष व्यक्त करते हुए मांग की है कि सार्वजनिक और धार्मिक आयोजनों में भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को कड़े प्रोटोकॉल लागू करने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी की श्रद्धा उनके स्वास्थ्य पर भारी न पड़े।