रांची के पड़ोसी जिला में भी जमीन पर बर्फ की चादर
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पहली बार दिखा ऐसा नजारा
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पुआल के ढेर पर सफेद चादर
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शून्य के करीब पहुंचा तापमान
राष्ट्रीय खबर
पुरुलिया: पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में इस समय ऐसी ठंड पड़ रही है जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। पहाड़ों और जंगलों से घिरे इस जिले के कुछ इलाकों में तापमान गिरने से बर्फ की परत (जिसे तकनीकी भाषा में भूमि तूषार या ग्राउंड फ्रॉस्ट कहा जाता है)जमी हुई देखी गई। रविवार की सुबह झालदा और कुछ दिन पहले बंदोवान इलाके में इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
पुरुलिया के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में जिले में इतनी ठंड और बर्फ की ऐसी चादर कभी नहीं देखी। स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार सुबह झालदा से खमार जाने वाली सड़क के किनारे रखे पुआल (खैर) के ढेर पर सफेद बर्फ की परत जमी मिली। जैसे ही यह खबर फैली, सुबह की सैर पर निकले लोग और आसपास के ग्रामीण इसे देखने के लिए इकट्ठा हो गए। लोग हैरान थे कि क्या वे पुरुलिया में हैं या किसी हिल स्टेशन दार्जिलिंग में।
जनवरी के दूसरे सप्ताह में पश्चिम बंगाल के पश्चिमी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पुरुलिया शहर का न्यूनतम तापमान 5 से 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, लेकिन ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में पारा और भी नीचे लुढ़क गया है।
बंदोवान ब्लॉक के डांगा इलाके में भी जमीन पर बर्फ की हल्की परत देखी गई थी। पड़ोसी जिले बांकुरा में भी औसत तापमान 7 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तापमान अत्यधिक गिर जाता है और हवा की नमी जमीन या सतह (जैसे पुआल या घास) के संपर्क में आकर जम जाती है, तो उसे भूमि तूषार कहा जाता है। पुरुलिया जैसे इलाके के लिए यह एक दुर्लभ प्राकृतिक घटना है। भीषण शीतलहर के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं और प्रशासन की ओर से सतर्कता बरती जा रही है।