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रामगढ़ में प्रदूषण के खिलाफ लोगों की पदयात्रा, प्लांट के खिलाफ दिया धरना

रामगढ़ः शहर में कैंटोनमेंट इलाके के इंडस्ट्रियल एरिया में हो रहे प्रदूषण को लेकर लोगों ने मोर्चा खोल दिया है. लोगों का आरोप है कि इस इलाके में बीएफसीएल प्लांट के द्वारा प्रदूषण फैलाया जा रहा है.

इसके विरोध में रविवार को 13 मोहल्ले के लोगों द्वारा रांची रोड से लेकर सुभाष चौक तक करीब 3 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली गयी. इस दौरान बीएफसीएल के प्लांट प्रबंधन, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए लोगों ने सुभाष चौक पर धरना दिया. लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया.

प्रदूषण के खिलाफ यह पदयात्रा रांची रोड से शुरू होकर नई सराय चौक गांधी चौक होते हुए रामगढ़ सुभाष चौक पर जाकर खत्म हुई. फिर एकदिवसीय धरना शुरू हुआ. इस दौरान महिलाओं बच्चों युवा बुजुर्गों ने जमकर प्लांट प्रबंधन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की. साथ इलाके से प्रदूषण खत्म करने की गुहार लगाई. लोगों ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर प्रदूषण खत्म नहीं हुआ तो आने वाले समय में यह आंदोलन और भी बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा.

प्रदर्शनकारी रानी मिश्रा ने बताया कि प्रदूषण उनकी सांसों में जहर घोल रहा है. प्लांट रात दिन काला धुआं वातावरण में छोड़ रहा है जिसके कारण उन लोगों का जीना दूभर हो गया है. जिंदगी बचाने के लिए वह इस लड़ाई और इस मुहिम को चला रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी जिस प्लांट के अधिकारियों को प्रदूषण खत्म करने के लिए निर्देश देने का आग्रह भी किया.

पूजा सिंह ने कहा कि पिछले 1 साल से प्लांट द्वारा पर्यावरण को दूषित किया जा रहा है उन लोगों का मोहल्ले में जीना दूभर हो गया है. शिक्षिका प्राची ने बताया कि उन्हें सड़क पर उतरकर प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ प्रदूषण को लेकर मुहिम छेड़नी पड़ी है. इससे समझा जा सकता है कि महिलाएं जब सड़क पर उतरी हैं तो स्थिति काफी भयावह होगी. यह कोई राजनीतिक आंदोलन नहीं है बल्कि जनसमूह की आवाज है. हम परेशान हैं पीड़ित हैं, इसलिए हम इस मुहिम के तहत यह आंदोलन कर रहे हैं.

वहीं डॉक्टर केके सिंह ने बताया कि वाकई में पूरे इलाके में प्रदूषण की स्थिति काफी भयावह है प्लांट द्वारा भारी मात्रा में प्रदूषण फैलाया जा रहा है. जिसके कारण पूरे इलाके में धूल और हवा में प्रदूषण है. वर्तमान समय में आसपास के लोग काफी प्रदूषण से ग्रसित है. यह प्रदूषण आने वाली पीढ़ी को भी प्रभावित करेगा. इसलिए प्रदूषण के खिलाफ इस पदयात्रा और धरना में शामिल हुए हैं.