Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Datia By-Election: दतिया में कांग्रेस का प्रचार तेज, जीतू पटवारी ने संभाला मोर्चा, अवधेश नायक को मना... Bilaspur Crime News: बलौदाबाजार के ट्रैफिक SI की पत्नी की शिवनाथ नदी में मिली लाश, 3 दिन से थी लापता CG Congress: फूलोदेवी नेताम के डिनर से गरमाई सियासत, क्या छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया कांग्रेस प्रदेश अध... अशोकनगर में खुलेगा 2000 सीटों वाला कॉल सेंटर, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने युवाओं को दी बड़ी सौगात MP Congress News: अपनी ही पार्टी पर भड़के सुसनेर MLA भेरूसिंह परिहार, जीतू पटवारी को दी नसीहत, पार्ट... Nepanagar MLA Manju Dadu: विकास कार्यों में सुस्ती पर भड़कीं विधायक मंजू दादू, अधिकारियों को दी कड़ी... Oppo K15 Launch Date: 8000mAh बैटरी और कूलिंग फैन के साथ 24 जुलाई को लॉन्च होगा ओप्पो K15, जानें फीच... US Airstrike in Iran: ईरान में अमेरिकी हवाई हमले का दावा, 7 नागरिकों की मौत और 9 घायल Joe Root on ODI Cricket: वनडे क्रिकेट के भविष्य पर जो रूट का बड़ा बयान, भारत के खिलाफ जीत पर कही यह ... Moga Lottery Winner: 7 रुपये के लॉटरी टिकट ने बदली किस्मत, मोगा के लक्ष्मण प्रजापति ने जीते 5 लाख

जेल ब्रेक करने वाले तीन बंदी महाराष्ट्र के सोलापुर से गिरफ्तार, पहले भी जेल से भागा था एक कैदी

हजारीबाग: पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा से फरार तीन कैदियों को हजारीबाग पुलिस ने महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाला थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है. तीनों को वापस हजारीबाग लाया गया है. इसकी पुष्टि हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने की है.

31 दिसंबर को सुबह 7:00 बजे हजारीबाग पुलिस को यह पता चला कि तीन कैदी जेल ब्रेक करते हुए रात 1:30 बजे के आस पास फरार हो गए. हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि केंद्रीय कारा से फरार तीन बंदी देव भुईयां, राहुल रजवार और जितेंद्र रवानी को हजारीबाग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जिसे न्यायिक हिरासत में लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा भेज दिया गया है. तीनों धनबाद के रहने वाले हैं. तीनों जेल की खिड़की का रॉड काटकर बेडशीट के सहारे नीचे उतर कर जेल के आंतरिक दीवार को लांघ कर भागे थे. तीनों कैदी में राहुल रजवार आजीवन कारावास वहीं अन्य 20 और 27 वर्ष का सजा काट रहे थे.

घटना के बाद तीन एसआईटी टीमों का गठन किया गया था. जिसमें एक टीम तकनीकी शाखा के सहयोग से कार्य कर रही थी, दूसरी टीम कैदियों के भागने वाले स्थान का ट्रायल कर रही थी, तीसरी टीम निर्देश के आलोक में विभिन्न जगहों पर छापेमारी कर रही थी.

तीनों कैदी जेल से भागने के बाद सबसे पहले सिंदूर चौक पहुंचे. जहां से टोटो पड़कर इचाक थाना क्षेत्र के कुरहा गांव में देव भुइयां अपने साडू के यहां गया. इचाक कुरहा से पिकअप गाड़ी से बरकट्ठा, बरकट्ठा से बरही होते हुए कोडरमा. कोडरमा से लोकल ट्रेन से गया जी और गया जी ट्रेन पड़कर क्यूल होते हुए जसीडीह पहुंचा. जहां यह तीनों कैदियों ने पुणे जाने वाले ट्रेन का दो दिनों तक इंतजार किया.

4 जनवरी रविवार को जसीडीह से जसीडीह पुणे एक्सप्रेस पड़कर तीनों 6 जनवरी सुबह 8:00 बजे महाराष्ट्र के दौंड जंक्शन उतरे. दौंड जंक्शन से बस पकड़ कर राशिन बस स्टैंड गए. वहां से 15 किलोमीटर पैदल चलकर कोरटी चौक पहुंचे. जहां पूर्व परिचित ईटा भट्ठा मालिक से उनकी मुलाकात हुई. वहां ईटा भट्ठा में मजदूरी करने लगे. तीनों की गिरफ्तारी महाराष्ट्र के सोलापुर जिला के करमाला थाना क्षेत्र से हुई है.

इन बंदियों ने देव कुमार भुईयां की अगुवाई में जेल ब्रेक की घटना को अंजाम दिया था. वर्ष 2020 में पॉक्सो केस में देव भुईयां 1 साल तक धनबाद जेल में रहा और वहां से अपने साथी अंकित रवानी के साथ जेल वार्ड की खिड़की काटकर चार दिवारी लांघ कर भाग गया था. बाद में इसकी गिरफ्तारी हुई थी.

महत्वपूर्ण बात यह है कि हजारीबाग जेल में सेक्टर 6 के वार्ड नंबर 4 में तीनों कैदी एक साथ रह रहे थे. जो दूसरे तल्ला पर है. तीनों को पॉक्सो केस में आजीवन सजा हुई है. तीनों बंदियों ने जेल में ही जेल से भागने का प्लान बनाया था. इसकी तैयारी पिछले एक माह से चल रही थी. देव ने तय किया था कि जेल से कैसे भागना है. घटना के दो दिन पहले ही समय तय किया गया था कि जेल ब्रेक करना है. लेकिन किसी कारणवश नहीं हो पाया. जेल में एक शैडो एरिया पड़ता है उसे इन बंदियों ने टारगेट बनाया और वहीं से वह लोग फरार हुए.

घटना की पूर्णवृत्ति ना हो इसे लेकर एक कमेटी का गठन किया गया है. जिसमें उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक हैं. कमेटी पुलिस अधीक्षक को जांच की सारी रिपोर्ट सौपेंंगी. ताकि जेल की सुरक्षा को और भी अधिक चाक चौबंद किया जा सके. देव भुईयां उर्फ देव कुमार भुईयां का उम्र लगभग 22 वर्ष है. उसके ऊपर विभिन्न थाने में 9 मामले दर्ज हैं. जो पहले भी धनबाद जेल ब्रेक कर चुका है. जितेंद्र रवानी के ऊपर भी 9 मामला दर्ज है. जबकि राहुल रजवार के ऊपर एक मामला दर्ज है.