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जेएमबी के एक नेटवर्क का भंडाफोड़

लगातार सक्रियता और नजरदारी का लाभ पुलिस को

  • बांग्लादेश का उग्रवादी संगठन है यह

  • ग्यारह संदिग्ध लोग गिरफ्तार किये गये

  • एनआईए की टीम भी जांच हेतु पहुंची

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: असम और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी गहमागहमी रही है। आतंकी गतिविधियों पर नकेल कसने से लेकर स्थानीय कानून-व्यवस्था की चुनौतियों तक, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इउसके तहत जेएमबी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ और एनआईए की जांच असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने ऑपरेशन प्रघात के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश से जुड़े 11 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

ये गिरफ्तारियां असम और त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों से की गई हैं। सोमवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी गुवाहाटी पहुंचे और आरोपियों से पूछताछ शुरू की। एसटीएफ प्रमुख पार्थ सारथी महंता ने बताया कि यह नेटवर्क डिजिटल जिहाद के जरिए सक्रिय था और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर युवाओं को भड़का रहा था। इसके तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े होने की आशंका है, जिसके चलते महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की जांच एजेंसियां भी इस जांच में शामिल हो सकती हैं।

असम के हैलाकांडी जिले में उस समय दहशत फैल गई जब जिला अदालत परिसर को बम से उड़ाने का धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। यह मेल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और जिला न्यायाधीश के आधिकारिक खातों पर भेजा गया था, जिसमें परिसर के भीतर तीन बम लगाने का दावा किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर को खाली कराकर गहन तलाशी अभियान शुरू किया। सुरक्षा कारणों से आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। हालांकि, अब तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन पुलिस साइबर सेल के माध्यम से ईमेल के स्रोत की जांच कर रही है।

शिवसागर जिले के बार दिरोई गांव में एक दुखद घटना सामने आई, जहां घरेलू हिंसा के मामले को सुलझाने गई पुलिस पर हमला करने की कोशिश में एक व्यक्ति मारा गया। रणजीत पांडव नामक व्यक्ति नशे की हालत में अपनी पत्नी और बच्चों को प्रताड़ित कर रहा था। जब पुलिस और स्थानीय दंपति ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो उसने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली से रणजीत की मौत हो गई, जबकि उसके हमले में घायल हुए दंपति का इलाज डिब्रूगढ़ में चल रहा है।