3 घंटे में सीसीटीवी DVR के साथ महज 12 हजार का सामान ले जा सके अपराधी! जांच के दायरे में रात्रि पाली के गार्ड भी
गिरिडीहः सीसीएल गिरिडीह कोलियरी के वर्कशॉप में अपराधियों के द्वारा हमला किए जाने की बात सामने आने के बाद एसपी डॉ बिमल कुमार ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है. एसपी ने सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव और मुफस्सिल थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर श्याम किशोर महतो को निर्देश दिया है कि घटना की विस्तृत छानबीन करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें.
ऐसे में सदर एसडीपीओ के साथ मुफस्सिल थाना प्रभारी वर्कशॉप पहुंचे. काफी देर तक छानबीन की. छानबीन में चौंकाने वाली बात सामने आयी है. यहां पता चला कि अपराधी तीन घंटे में महज 12 हजार रूपये का सामान ही ले गए. यहां ऑफिस में रखे कंप्यूटर को अपराधियों ने छुआ तक नहीं. हां, अपराधी इस जगह से सीसीटीवी का डीवीआर जरूर लेकर चले गए. ऐसे में पुलिस इस मामले की छानबीन अन्य तरीके से भी कर रही है. टेक्निकल सेल को भी वर्क पर लगाया गया है.
पुलिस की जांच में रात्रि पाली के तीनों गार्ड भी हैं. दरअसल तीनों गार्ड ने यह बताया कि अपराधियों की संख्या 25 से 30 की थी. अपराधियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी और उसके बाद बंधक बनाया. गार्ड ने बुधवार की सुबह दिए बयान में कहा कि घटना उस वक्त घटी जब पुलिस की गश्ती दल यहां से चली गई. ऐसे में गार्ड के बयान का मिलान अपराध के स्थल से किया जा रहा है. चूंकि तीनों गार्ड का मोबाइल भी अपराधियों ने नहीं लिया और न ही इनके पास से किसी प्रकार की छिनतई की गई. ऐसे में पुलिस इन गार्ड की भूमिका की भी जांच कर रही है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जब अपराधी 3-3 घंटे तक वर्कशॉप में मौजूद रहे तो सिर्फ 12 हजार मूल्य के सामान को लेकर ही जा सके.
क्या था डीवीआर में
इस घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं. पहला सवाल है कि अपराधी इतनी संख्या में थे तो आखिर सामान महज 12 हजार का ही कैसे ले गए, जबकि कारखाना में कई कीमती सामान था. कारखाना के ऑफिस में कंप्यूटर भी था तो सिर्फ डीवीआर को क्यूं निशाना बनाया गया. पुलिस द्वारा डीवीआर ले जाने की जब पड़ताल की गई तो यह भी साफ हुआ कि 30 दिसंबर 2025 को भी इसी वर्कशॉप में अपराधी घुसे थे और यहां पर चोरी की घटना घटी थी.
बताया जाता है कि 30 तारीख की घटना सीसीटीवी में कैद थी. सीसीटीवी के कैमरे में उन लोगों का चेहरा आया था जिसने 30 की घटना को अंजाम दिया था. अब पुलिस यह पड़ताल कर रही है कि जिसने 30 को चोरी की क्या उसे बाद में पता चला कि उसका चेहरा कैमरा में कैद हो गया है या किसी अंदर वाले ने ही उस दिन के अपराधियों को इसकी सूचना दी और पूरी साजिश के तहत डीवीआर को गायब करने के लिए घटना को अंजाम दिया गया.लूट की घटना नहीं घटी है. कुछ सामान की चोरी हुई है. पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है. कोयला चोरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है.-जीतवाहन उरांव, एसडीपीओ
वर्कशॉप से एक यूपीएस, 25 मीटर तार और कुछ कॉपर के सामान के साथ डीवीआर अपराधी ले गए हैं. आगे पुलिस जांच कर रही है. डीवीआर मिलने से कई जानकारी सामने आएगी.– एलबी सिंह, स्टॉप ऑफिसर, ईएंडएम, सीसीएल गिरिडीह