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आतंकी साजिश नाकाम: 2 टन विस्फोटक बरामद

पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी बल ने बतायी कामयाबी

कराचीः पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर और आर्थिक केंद्र कराची में आतंकवाद विरोधी पुलिस ने एक बड़ी सैन्य कार्रवाई के जरिए एक भीषण आतंकी साजिश को विफल कर दिया है। सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुरक्षा अधिकारियों ने घोषणा की कि प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी के एक सक्रिय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है। खुफिया सूचनाओं पर आधारित इस ऑपरेशन में पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर तीन संदिग्ध आतंकवादियों को हिरासत में लिया है।

इस कार्रवाई की सबसे चौंकाने वाली बात भारी मात्रा में गोला-बारूद की बरामदगी है। पुलिस ने इन आतंकियों के पास से लगभग 2 टन (2000 किलोग्राम) उच्च क्षमता वाली विस्फोटक सामग्री और भारी संख्या में डेटोनेटर बरामद किए हैं। वरिष्ठ आतंकवाद विरोधी अधिकारी जुल्फिकार अली लारिक और डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल गुलाम अजफर महसर ने बताया कि आतंकवादियों ने एक वाहन को पूरी तरह विस्फोटकों से भर रखा था, जो शहर के किसी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान को उड़ाने के लिए तैयार था। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह विस्फोटक पड़ोसी प्रांत बलूचिस्तान से तस्करी कर कराची लाया गया था, जहाँ पिछले दो दशकों से अलगाववादी विद्रोह चरम पर है।

बीएलए जैसे समूहों का मुख्य उद्देश्य बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों पर पूर्ण नियंत्रण और अधिक स्वायत्तता हासिल करना है। हालांकि, हाल के वर्षों में उनकी रणनीति में खतरनाक बदलाव आया है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह समूह अब पहचान छुपाने और सुरक्षा घेरों को भेदने के लिए महिलाओं और कम उम्र की लड़कियों का इस्तेमाल ‘सुसाइड बॉम्बर’ के रूप में कर रहा है।

पिछले हफ्ते ही एक किशोरी को हिरासत में लिया गया था, जिसे ऑनलाइन माध्यमों से कट्टरपंथी बनाकर आत्मघाती हमले के लिए तैयार किया गया था। साल 2022 में कराची विश्वविद्यालय के पास एक महिला आत्मघाती हमलावर द्वारा चीनी शिक्षकों को निशाना बनाना इसी रणनीति का हिस्सा था।

पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अक्सर इन विद्रोहियों को सीमा पार यानी अफगानिस्तान और भारत से वित्तीय व सैन्य सहायता मिलने का आरोप लगाती रही हैं। हालांकि, नई दिल्ली ने हमेशा इन दावों को आधारहीन बताकर खारिज किया है। वर्तमान में पुलिस फरार चल रहे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटकों की बरामदगी ने कराची को एक बड़े रक्तपात और संभावित तबाही से बचा लिया है।