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अमेरिकी चेतावनी के बाद ईरान में आंदोलन और भड़का

विरोध के बीच कई गिरफ्तारियां और इंटरनेट बंद

  • पैतीस प्रतिशत की गिरावट है इंटरनेट में

  • सरकार ने साइबर हमलों को जिम्मेदार बताया

  • हमदान में एक युवा व्यापारी की मौत हुई है

तेहरानः ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे देश के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए ईरानी अधिकारियों ने एक बार फिर इंटरनेट सेवाओं पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। क्लाउडफ्लेयर के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को ईरान में इंटरनेट ट्रैफिक में सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

उपयोगकर्ताओं ने गुरुवार से ही मोबाइल और होम इंटरनेट कनेक्शन में भारी रुकावट की शिकायत की है। ईरान में यह पैटर्न पहले भी देखा गया है, जहां विरोध प्रदर्शनों के दौरान संचार को बाधित करने के लिए कनेक्टिविटी को धीमा या पूरी तरह बंद कर दिया जाता है।

सूचना और संचार प्रौद्योगिकी मंत्री सत्तार हाशमी ने इंटरनेट की धीमी गति के लिए एक बड़े साइबर हमले को जिम्मेदार ठहराया है, जिसे उन्होंने हाल के इतिहास का सबसे बड़ा हमला बताया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का मानना है कि यह उनकी आवाज को दबाने की एक सरकारी कोशिश है। यह विरोध प्रदर्शन पिछले रविवार को तेहरान के व्यापारियों द्वारा आर्थिक बदहाली के खिलाफ शुरू किया गया था, जो अब देश के अन्य शहरों में भी फैल चुका है। खबरों के मुताबिक, अब तक इन प्रदर्शनों में कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है।

पश्चिमी ईरान के हमदान शहर में एक युवा व्यवसायी की मौत ने तनाव और बढ़ा दिया है। जहां प्रदर्शनकारी इसे सुरक्षा बलों की कार्रवाई बता रहे हैं, वहीं क्षेत्रीय गवर्नर के राजनीतिक और सुरक्षा उप प्रमुख हमजा अमराही ने इस मौत को संदिग्ध करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी दुश्मनों ने ईरानी अधिकारियों की छवि खराब करने के लिए इस घटना को अंजाम दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी प्रदर्शनकारियों और दंगाइयों के बीच अंतर करते हुए सुरक्षा बलों को सख्ती बरतने का संकेत दिया है। फिलहाल, ईरान में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है और गिरफ्तारी का दौर जारी है।