Breaking News in Hindi

इंदौर में मौतों पर कैलाश विजयवर्गीय करेंगे नए खुलासे! सवालों से दूर कमिश्नर, अधिकारियों पर एक्शन

इंदौर: भागीरथपुरा क्षेत्र में ढ़ेरों लोगों की मौत के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय शुक्रवार को क्षेत्र में दौरा करने पहुंचे. सबसे पहले क्षेत्र में संचालित हो रही संजीवनी क्लीनिक पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने क्लीनिक में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. उसके बाद जब संजीवनी क्लीनिक से बाहर निकले तो मीडिया कर्मियों ने मंत्री को घेर लिया और सवालों की बौछार कर दी. इस दौरान मंत्री ने किसी तरह की कोई बातचीत नहीं कि. उन्होंने मात्र इतना कहा कि, ”कल प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा.”

इंदौर में गंदा पानी पानी से 15 लोगों की मौत का आरोप
देश के सबसे साफ शहर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे पानी से 15 लोगों के मौत के आरोप लगे हैं. घटना को लेकर प्रदेश में उबाल है. हर कोई शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है. जिस तरह से लगातार मरीज सामने आ रहे हैं उसको लेकर जिम्मेदारों ने चुप्पी साध ली है. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के साथ ही निलंबित अधिकारी भी इस पूरे घटनाक्रम पर किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं. जब मीडिया ने कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

भागीरथपुरा पहुंचे कैलाश विजयवर्गीय
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में 15 लोगों की मौत के आरोपों के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय शुक्रवार को क्षेत्र में दौरा करने पहुंचे. सबसे पहले क्षेत्र में संचालित हो रही संजीवनी क्लीनिक पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने क्लीनिक में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. उसके बाद जब संजीवनी क्लीनिक से बाहर निकले तो मीडिया कर्मियों ने मंत्री को घेर लिया और सवालों की बौछार कर दी. इस दौरान मंत्री ने किसी तरह की कोई बातचीत नहीं कि. उन्होंने मात्र इतना कहा कि, ”कल प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा.” इससे पहले भी मीडिया ने कैलाश विजयवर्गीय से सवाल पूछे थे जिस पर उन्होंने कहा था, ”फोकट के सवाल मत पूछा करो.”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में करेंगे खुलासे
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने घटनाक्रम को लेकर जिस तरह से चुप्पी साथ ली है उसके कई मतलब निकले जा रहे हैं. हर किसी की नजर अब मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर है. क्योंकि निश्चित तौर पर कुछ बड़े खुलासे हो सकते हैं. वहीं दूसरी ओर इंदौर के नर्मदा जल प्रदाय विभाग के यंत्री रहे संजीव श्रीवास्तव को उनकी लापरवाहियों को देखते हुए निलंबित कर दिया गया है. लेकिन फिर भी वह भागीरथ पुरा क्षेत्र में दौरा कर रहे थे. जब मीडिया ने उनसे भी सवाल किया तो वह भी वहां से भागते नजर आए. बस इतना ही कहा कि, ”मैं अधिकृत नहीं हूं.”

Kshitij Singhal Commissioner Indore Municipal Corporation.

क्षितिज सिंघल बने इंदौर नगर निगम के नए कमिश्नर
भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद इंदौर नगर निगम में बड़ा बदलाव किया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निगम आयुक्त दिलीप यादव को हटा दिया है. उनकी जगह अब आईएएस क्षितिज सिंघल को नए निगम कमिश्नर के रूप में नियुक्त किया गया है. क्षितिज सिंघल 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. वर्तमान में वह मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में डायरेक्टर के पद पर पदस्थ थे. आयुक्त दिलीप यादव के अलावा अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और नर्मदा जल प्रदाय विभाग के यंत्री संजीव श्रीवास्तव को भी निलंबित कर दिया गया है.

इंदौर में दूषित पानी से 15 की मौतों का आरोप
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र के करीब 15 लोगों की पानी के इंफेक्शन के चलते मौतें होने के आरोप हैं. पानी की लाइन और ड्रेनेज लाइन एक साथ होने का नतीजा है कि यहां दूषित पानी सप्लाई के कारण लोगों की मौत हुई है. पानी की लाइन में बीते कई दिनों से शौचालय का गंदा पानी मिल रहा था. इस पूरे घटना के सामने आने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित अधिकारी लगातार क्षेत्र में मॉनिटरिंग कर रहे हैं और जांच पड़ताल भी की जा रही है. मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख के मुआवजे का ऐलान किया था. वहीं लापरवाही बरतने पर कई अधिकारियों को निलंबित भी किया जा चुका है.

राहुल गांधी ने साधा सरकार पर निशाना
इंदौर की घटना नेशनल खबर बन चुकी है. घटना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सवाल उठाए थे. उन्होंने X पर लिखा था, ”इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा. घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान. जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया. लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई? सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? ये ‘फोकट’ सवाल नहीं, ये जवाबदेही की मांग है.

साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है और इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है. मध्य प्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है. कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे, और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं.”