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शाहरुख खान के गद्दारों जैसे काम, बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदने पर SRK पर भड़के रामभद्राचार्य

जबलपुर: बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान ने आईपीएल 2026 के लिए अपनी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स में बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्ताफिजुर रहमान को शामिल किया है. जिसको लेकर देशभर में उनका विरोध शुरु हो गया है. हिंदू संत रामभद्राचार्य ने शाहरुख खान पर तंज करते हुए उन्हें देश विरोधी तक बता दिया. उन्होंने शाहरुख खान का बॉयकॉट करने की मांग की है.

देश के समर्थक नहीं हैं शाहरुख खान
संस्कारधानी जबलपुर में वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए हिंदू संत रामभद्राचार्य जबलपुर पहुंचे हुए हैं. रामभद्राचार्य ने बयान देते हुए कहा है कि, ”फिल्मी कलाकार शाहरुख खान कभी देश के समर्थक नहीं रहे हैं. वह बांग्लादेश के लोगों को अपनी टीम में शामिल करते हैं, उनका विरोध होना चाहिए.” वहीं उन्होंने राहुल गांधी की तुलना गटर के पानी से की है.

रामभद्राचार्य से जब पूछा गया कि, क्या फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले खान कलाकारों का विरोध होना चाहिए. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रामभद्राचार्य ने कहा कि, ”शाहरुख खान कब देश का समर्थक रहा है. वह बांग्लादेशियों को खेलने के लिए बुलाता है, वह हमारा आदर्श नहीं है. शाहरुख खान का पूर्ण बहिष्कार करना चाहिए.” एक सवाल के जवाब में रामभद्राचार्य ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि राम की तुलना राहुल गांधी से की जा रही है.

राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित हो रामचरितमानस
रामभद्राचार्य ने अपने भाषण में कहा कि, ”रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जाना चाहिए. उन्होंने इसकी वजह भी बताई और मंच पर बैठे हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से कहा कि इसके लिए संसद में बहस होनी चाहिए और बहुमत से यह बात पारित होनी चाहिए कि रामचरितमानस राष्ट्रीय ग्रंथ है.”

रामभद्राचार्य ने बताया कि, ”देश के कई नीतिगत मुद्दों पर प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री उनसे सलाह लेते हैं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उनसे बातचीत की गई थी. उन्होंने रक्षा मंत्री को यह सलाह दी थी कि, रामचरितमानस में भी है कहा गया है कि जो आपसे जैसा व्यवहार करता है आपको भी उसे वैसा ही व्यवहार करना चाहिए. इसी के आधार पर भारत ने पाकिस्तान पर हमला किया था.”

वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में रामभद्राचार्य आज फिर अपने प्रवचन देंगे. रामभद्राचार्य भारत के एक मशहूर संत हैं. वे देख नहीं पाते लेकिन उनकी याददाश्त बहुत तेज है. वे संस्कृत के बहुत बड़े के बड़े जानकार हैं. भारत सरकार ने उन्हें 2015 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया था.

बांग्लादेशी खिलाड़ी उठाएं हिंदुओं के लिए आवाज
वहीं बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बांग्लादेश खिलाड़ियों के आईपीएल में खेलने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि, ”बांग्लादेशी खिलाड़ियों को आवाज उठानी चाहिए की बांग्लादेश में हिंदू भाईयों की सुरक्षा की जाए. खेल पर कोई नियम लागू नहीं होते. लेकिन बांग्लादेश में हिंदूओं को परेशान न किया जाए. खिलाड़ियों का दायित्व बनता है कि वह हिंदू समाज के लिए कुछ बोलें.”