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चीन के बड़बोलेपन का फिर से पर्दाफाश हो गया

चीनी विमान का रडार लॉक हुआ तो भागा

ताइपेः ताइवान और चीन के बीच चल रहे तनाव में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। ताइवान (रिपब्लिक ऑफ चाइना) के रक्षा मंत्रालय ने एक तस्वीर साझा की है जिसमें उनके अमेरिकी निर्मित एफ-16 भाईपर फाइटर जेट ने चीन के अत्याधुनिक जे-16 मल्टीरोल युद्धविमान को रडार लॉक कर लिया।

यह घटना तब हुई जब चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के विमान ताइवान की हवाई सीमा के बेहद करीब आक्रामक युद्धाभ्यास कर रहे थे। रडार लॉक होने का सीधा मतलब यह है कि ताइवानी पायलट ने चीनी विमान पर अपना निशाना पूरी तरह साध लिया था और वह बस एक बटन दबाकर उसे मार गिराने की स्थिति में था।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, रडार लॉक वह स्थिति होती है जब विमान के सेंसर और रडार दुश्मन के जेट की सटीक लोकेशन पकड़ लेते हैं और मिसाइल प्रणाली को उसे नष्ट करने का सिग्नल दे देते हैं। इस स्थिति से बचना लगभग नामुमकिन होता है क्योंकि पायलट के पास प्रतिक्रिया देने के लिए कुछ ही सेकंड का समय होता है।

जैसे ही चीनी पायलट को अपनी स्क्रीन पर रडार लॉक होने का संकेत मिला, वह घबराकर तुरंत ताइवानी सीमा से पीछे हट गया। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि यह घटना 29 दिसंबर की है, जब चीन का जे-16 और शानक्सी केजे -500 निगरानी विमान अवैध रूप से घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे।

यह घटना बीजिंग के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और सैन्य शर्मिंदगी मानी जा रही है। एक तरफ जहां चीन अपनी वायुसेना को विश्वस्तरीय बताता है, वहीं ताइवान के भाईपर जेट्स ने यह साबित कर दिया कि वे ड्रैगन का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।

ताइवान के पूर्व सैन्य अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि चीन को दिया गया एक सख्त संदेश है कि ताइवान को हराना इतना आसान नहीं होगा। हालांकि ताइवान ने कोई मिसाइल नहीं दागी, लेकिन इस ‘लॉक-इन’ ने चीनी पायलटों के मनोबल पर गहरा असर डाला है। पश्चिमी मीडिया के अनुसार, इस घटना के बाद चीन ने उस क्षेत्र में अपने गश्ती विमानों की संख्या में फिलहाल कमी कर दी है।