Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
JPSC पेपर लीक मामला: CID ने पूर्व अध्यक्ष खियांगते को लिया हिरासत में, 17वें दिन भी छात्रों का प्रदर... कई तटीय शहर समुद्र के बढ़ने से भी तेजी से डूब रहे दिल्ली विधानसभा में पेश 2024-25 की CAG रिपोर्ट: सब्सिडी में 172% की बढ़ोतरी, घटकर 3,695 करोड़ हुआ कै... जयपुर में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला: डीप-टेक रोबोटिक कंपनी से सीक्रेट कोडिंग और LiDAR सेंसर च... पेपर लीक के 'Proceeds of Crime' की होगी जांच: ED खंगालेगी पूरा नेटवर्क, NEET-UG मामले में भी जल्द हो... केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, बोले— "राहुल हर दिन बदलते हैं गोलपोस्ट, फैला... मानसून सत्र के अंतिम 2 दिन: छात्र लाठीचार्ज पर चर्चा को तैयार सरकार, क्या JPC को भेजा जाएगा FCRA संश... यह 79 फीट लंबा समुद्र का दैत्य हुआ करता था, देखें वीडियो दिल्ली विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा वक्तव्य, कहा— "First in My Bloodline" हर बेटी के सशक्ति... दिल्ली और झारखंड में छात्रों पर बल प्रयोग पर भड़के राहुल गांधी, राम मंदिर में कथित चोरी पर भी पीएम म...

नालागढ़ विस्फोट के लिए बब्बर खालसा ने ली जिम्मेदारी

घटना के पीछे पाकिस्तान की साजिश का शक

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़ः हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ में नए साल के दिन एक पुलिस स्टेशन के पास हुए आईईडी विस्फोट ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। पंजाब पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों को इस हमले के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ होने का गहरा संदेह है। इस बीच, प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल और पंजाब सोवरेनिटी अलायंस ने एक कथित प्रेस नोट जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उनका दावा है कि यह हमला हिमाचल प्रदेश से पंजाब में भेजी जा रही सिंथेटिक ड्रग्स के विरोध में किया गया है।

जांचकर्ताओं के अनुसार, इस हमले की योजना अमेरिका में बैठे कट्टरपंथी गोपी नवांशहरिया और उसके सहयोगी कबल सिंह ने बनाई थी। नवांशहरिया इससे पहले पंजाब में पुलिस प्रतिष्ठानों पर हुए कई हमलों की जिम्मेदारी भी ले चुका है।

कथित नोट में चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन ने नशीले पदार्थों के कारोबार पर लगाम नहीं लगाई, तो अगली बार पुलिस के वाहनों और मुख्यालयों को निशाना बनाया जाएगा। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नशीले पदार्थों का कारण केवल एक मुखौटा है; वास्तव में इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली के उत्तर-पश्चिम और जम्मू-कश्मीर के दक्षिण वाले इस संवेदनशील क्षेत्र में अस्थिरता और भय पैदा करना है।

विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि घटनास्थल से 400-500 मीटर दूर तक की इमारतों की खिड़कियां चटक गईं। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। हिमाचल और पंजाब पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

फॉरेंसिक टीमों ने विस्फोट स्थल से रसायनों के नमूने एकत्र किए हैं ताकि आईईडी की बनावट और इस्तेमाल किए गए विस्फोटक की पहचान की जा सके। नालागढ़-बद्दी का इलाका भारत का एक प्रमुख फार्मास्यूटिकल हब है, इसलिए यहां सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि विदेशी आका स्थानीय युवाओं को पैसों का लालच देकर ऐसी आतंकी घटनाओं में शामिल कर रहे हैं।