Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
फ्रांस में डूबने से चालीस लोगों की मौत मौत के चार माह बाद होगा ईरान के शीर्ष नेता का अंतिम संस्कार केन्या में अभियुक्तों पर हत्या का मुकदमा फ्रांस के बाद अब अचानक जर्मनी की रेल सेवा बाधित Char Dham Yatra News: गंगोत्री और केदारनाथ अब होंगे एक-दूसरे के करीब; 100 किमी लंबी नई सड़क का ब्लूप्... Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर एनकाउंटर मामले में नया मोड़; एसपी पहुंचे मृतक के घर, परिवार ने की CBI... Tragic Incident in Gumla: मानसिक बीमारी से परेशान मां ने बच्चों के साथ कुएं में लगाई छलांग? जांच में... Delhi Crime News: छतरपुर में 11 वर्षीय बच्ची का अपहरण और हत्या; कैब ड्राइवर बाशु कुमार गिरफ्तार Jaipur Metro Phase-2: प्रधानमंत्री मोदी 4 जुलाई को करेंगे शिलान्यास; 13 हजार करोड़ की सौगात Yamuna Bazar Encroachment: दिल्ली के यमुना बाजार में चला प्रशासन का बुलडोजर, अवैध निर्माण पर बड़ी कार...

बैंक की तिजोरी में ड्रिल कर संपत्ति लूट ली

आम जनता क्रिसमस के त्योहारों में व्यस्त होने का फायदा उठाया

गेल्सेंकिर्चेन: जर्मनी के पश्चिमी शहर गेल्सेंकिर्चेन से एक सनसनीखेज डकैती का मामला सामने आया है, जहाँ शातिर चोरों ने क्रिसमस के शांत माहौल का फायदा उठाकर एक प्रमुख रिटेल बैंक स्पार्केसे की तिजोरी को निशाना बनाया। इस दुस्साहसिक वारदात में चोरों ने बैंक के सुरक्षित जमा कक्ष (वॉल्ट) की कंक्रीट की मोटी दीवार को आधुनिक मशीनों से ड्रिल करके छेद कर दिया और कम से कम 10 मिलियन यूरो (लगभग 90 करोड़ रुपये से अधिक) की नकदी और कीमती सामान लेकर चंपत हो गए।

पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अपराधियों ने इस चोरी को बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। उन्होंने बैंक की तिजोरी में घुसकर हजारों व्यक्तिगत सेफ डिपॉजिट बॉक्स (लॉकर) को तोड़ डाला। चूंकि जर्मनी में 24 दिसंबर की शाम से ही क्रिसमस की लंबी छुट्टियाँ शुरू हो जाती हैं और अधिकांश वित्तीय संस्थान और दुकानें बंद रहती हैं, इसलिए चोरों को अपना काम पूरा करने के लिए कई दिनों का समय मिल गया। इस बड़ी सेंधमारी का खुलासा तब हुआ जब 29 दिसंबर की तड़के बैंक में अचानक फायर अलार्म बज उठा, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दीवार में बड़ा छेद देखा।

मंगलवार को जब बैंक की शाखा के बाहर दर्जनों नाराज और परेशान ग्राहक एकत्र हुए, तो वहां का माहौल तनावपूर्ण हो गया। लोग चिल्ला-चिल्लाकर बैंक प्रबंधन से जानकारी की मांग कर रहे थे। एक भावुक ग्राहक ने स्थानीय मीडिया को बताया कि वह पिछले 25 वर्षों से अपना लॉकर उपयोग कर रहा था और उसमें जमा रकम उसके बुढ़ापे का एकमात्र सहारा थी। कई अन्य लोगों ने बताया कि उन्होंने अपने पूर्वजों के गहने और मेहनत की कमाई वहां सुरक्षित रखी थी, जो अब चोरों के हाथ लग चुकी है।

पुलिस जांच में कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने शनिवार रात को बैंक के पास स्थित एक पार्किंग गैरेज में कुछ संदिग्ध पुरुषों को बड़े-बड़े बैग ले जाते देखा था। इसके अलावा, सोमवार सुबह गैरेज से एक काले रंग की शक्तिशाली ऑडी आरएस 6 कार को तेज गति से निकलते देखा गया, जिसमें नकाबपोश लोग सवार थे। जांच में पता चला है कि इस कार पर लगी नंबर प्लेट हनोवर शहर से चोरी की गई थी, जो घटनास्थल से लगभग 200 किलोमीटर दूर है। बैंक प्रवक्ता ने फिलहाल इस घटना पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन पुलिस इसे जर्मनी के आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी और जटिल बैंक डकैतियों में से एक मान रही है।