Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर चीन के विदेश मंत्री का बयान हिजबुल्लाह और इजरायली सेना की टक्कर में लोग परेशान अमेरिका और चीन के बीच तीखी नोकझोंक सुरक्षा में ठेकेदारी बंद करे भारत UCC पर सुप्रीम कोर्ट का 'सुप्रीम' फैसला! केंद्र को बड़ी टिप्पणी—"अब समय आ गया है, देश में लागू हो सम... Priyanka Gandhi in Lok Sabha: राहुल गांधी के बचाव में उतरीं प्रियंका गांधी, बोलीं- 'निडर' हैं मेरे भ... Lok Sabha News: स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, गौरव गोगोई ने नरवणे की किताब से सरकार को घेरा; सद... नैनीताल पर 'जल प्रलय' का खतरा! चूहों के बाद अब मछलियां भी काट रही हैं नैनी झील की जड़ें; माल रोड धंस... Rahul Gandhi in Sonipat: सोनीपत के मदीना गांव पहुंचे राहुल गांधी, किसान संजय की बेटी को दिया आशीर्वा... Katni Road Accident: कटनी में बड़ा सड़क हादसा, कार-बाइक की टक्कर में 4 की मौत और 5 घायल; अस्पताल में...

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर हल्लाबोल, हड़ताल से दुर्ग में सरकारी कामकाज ठप

दुर्ग: छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर दुर्ग जिले सहित पूरे प्रदेश में तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है. दुर्ग जिले के सभी सरकारी कार्यालय पूरी तरह सूने नजर आ रहे हैं और सरकारी कामकाज ठप हो गया है.

दुर्ग में कर्मचारियों का प्रदर्शन

जिला मुख्यालय दुर्ग में पटेल चौक के पास सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारी जुटे हैं 11 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. कर्मचारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.

कर्मचारी संघ की मांगें

कर्मचारी संघ का कहना है कि भाजपा सरकार को सत्ता में आए दो साल से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन चुनाव के दौरान किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं.

⦁ महंगाई भत्ता का 1 जुलाई से भुगतान

⦁ वेतन विसंगति दूर करना

⦁ कार्यभारित और स्वास्थ्य कर्मचारियों का नियमितीकरण

⦁ कैशलेस मेडिकल सुविधा

⦁ 300 दिन का अर्जित अवकाश (ईएल) लागू करना

कर्मचारी संघ ने जताई नाराजगी

कर्मचारी संघ ने नगरीय निकाय कर्मचारियों को 2-3 माह से वेतन न मिलने पर भी नाराजगी जताई है. फेडरेशन के पदाधिकारी का आरोप है कि शासन से दो दौर की बातचीत के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. सरकार वित्तीय स्थिति का हवाला देकर मांगों को टाल रही है. ये वही सुविधाएं हैं, जो केंद्र सरकार या अन्य राज्यों में पहले से लागू हैं.

बहुत पहले से मांग की जा रही है. आश्वासन पर आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन मांग पूरी नहीं की जा रही है. केंद्र के समयमान वेतनमान का डिक्लेरेशन होने पर राज्य में भी दिया जाना चाहिए, लेकिन यह नहीं हो रहा है. मांगें नहीं मानी गई तो उग्र आंदोलन करेंगे-वीएल राव, प्रांत अध्यक्ष, कर्मचारी संघ

सभी 33 जिलों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल

छत्तीसगढ़ के 33 जिलों के लगभग 4.10 लाख नियमित, अनियमित, कार्यभारित और आकस्मिक निधि कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हैं.

हड़ताल का असर

इस हड़ताल का असर आम जनता पर भी पड़ रहा है. खेती-किसानी का मौसम होने की वजह से कृषि एवं सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं. वहीं स्वास्थ्य सेवाएं भी बाधित हो रही हैं. कर्मचारियों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।