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सफेद धुंध में गुम हुई पटरियां! दिल्ली-NCR में 50 से ज्यादा ट्रेनें लेट, मुसाफिरों की बढ़ी मुसीबत

दिल्ली और एनसीआर में घना कोहरा पड़ रहा है ,जिसके कारण विजिबिलिटी लगभग शून्य है और इसका असर रेल यातायात पर भी पड़ रहा है. ट्रेन कई घंटे की देरी से चल रही है. श्रमजीवी एक्सप्रेस काशी विश्वनाथ जैसी तमाम ट्रेनिंग कई घंटे की देरी से चल रही है. जिसकी वजह के यात्रियों को कड़ाके ठंड में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

लगभग 50 से ज्यादा ट्रेन ऐसी हैं ,जो 3 घंटे या उससे भी ज्यादा देरी से चल रही हैं. जिसके कारण नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मुसाफिर परेशान है. यात्रियों का कहना है कि 3 घंटे से ज्यादा का वक्त हो चुका है और उनकी ट्रेन नहीं आई , जबकि उन्हें अमृतसर जाना था. अलीगढ़ जाने वाले शख्स का भी यही हाल है. कोहरे के कारण कई घंटे से वो रेलवे स्टेशन पर बैठा है और उसकी ट्रेन का अभी तक पता नहीं.

50 से ज्यादा ट्रेनें लेट

रेलवे के CPRO हिमांशु शेखर उपाध्याय का कहना है 50 से ज्यादा ट्रेन अपने निर्धारित समय से लेट चल रही हैं. उन्होंने कहा कि रेलवे की जिम्मेदारी है कि ज्यादा कोहरा होने पर भले ही ट्रेन लेट हो लेकिन यात्रियों को सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाना सबसे जरूरी है. इसी के तहत कदम उठाए जाते हैं. घने कोहरे में एक्सीडेंट ना हो इसके लिए कई कदम उठाए जाते हैं. उन्होंने बताया कि इसके लिए रेलवे ने सभी फील्ड स्टाफ, गैंगमैन, लोको पायलट ,स्टेशन अधीक्षक और कर्मचारियों की काउंसलिंग की है.

ट्रेन में फॉग सेफ डिवाइस

CPRO ने बताया कि सिग्नल विजिबिलिटी पर ही ट्रेन ऑपरेशन होता है ,इसीलिए घने कोहरे में सिग्नल से पहले लाइन मार्किंग कराई गई है, ताकि लाइन मार्किंग देखकर ड्राइवर को पता चल जाए कि सिग्नल आने वाला है और वह उसी हिसाब से ट्रेन की रफ्तार को कम कर दे. उन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी फॉग सेफ डिवाइस (Fog Safe Device) हर ट्रेन में लगाई गई है.

उन्होंने बताया कि यह एक जियो मैपिंग डिवाइस होती है जिसमें सभी सिग्नल्स और लेवल पासिंग गेट्स के क्वाड्रेंट फीड होते हैं , इसमें ऑडियो अलार्म सिस्टम होता है. लेवल क्रॉसिंग गेट आने के करीब 800 मीटर पहले से ही यह अलार्म बजने लगता है कि सिग्नल आने वाला है. लोको पायलट समझ जाता है कि सिग्नल आने वाला है और घने कोहरे में उसी हिसाब से वह ट्रेन चलाता है.

ट्रेनों में मुख्त में पानी, एक्स्ट्रा राशन

CPRO हिमांशु ने बताया कि जो भी ट्रेन लेट आती है उसकी सेफ्टी चेक पहले से ही करने के बाद वापस टाइम पर चलाने का प्रयास रहता है. उन्होंने बताया कि ट्रेन लेट होने पर लोगों की सुविधाओं को देखते हुए ट्रेनों में फ्री वाटरिंग यानी मुख्त में पानी दिया जा रहा है. ताकि लोगों को पानी की कमी ना हो. इसके साथ ही ट्रेनों के अंदर साफ सफाई कराई जा रही. वहीं पैंट्री कार (Pantry Car) में एक्स्ट्रा राशन रखने के आदेश दिए गए हैं.