साइबर अपराधों के खिलाफ अब निरंतर निगरानी का लाभ
राष्ट्रीय खबर
हैदराबादः हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने हाल के समय के सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी मामलों में से एक का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने गुजरात के भावनगर से दो व्यक्तियों—सैयद सोयब जाहिद भाई और बेलिम अनस रहीम भाई—को गिरफ्तार किया है। इन पर 1.95 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी म्यूल बैंक खातों का संचालन कर रहे थे, जिनका उपयोग ठगी की रकम प्राप्त करने और उसे हवाला के जरिए दुबई स्थित साइबर अपराधियों तक पहुँचाने के लिए किया जाता था।
यह मामला 13 दिसंबर को तब सामने आया जब एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि कुछ अज्ञात कॉल करने वालों ने खुद को सरकारी और दूरसंचार अधिकारी बताकर उसे डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी। जालसाजों ने महिला को डराया कि उसका पति गंभीर अपराधों में शामिल है और मामले की जांच के नाम पर उसे 1.95 करोड़ रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर करने पर मजबूर कर दिया। भयभीत होकर महिला ने पूरी रकम उनके बताए खातों में भेज दी।
जांच के दौरान, पुलिस को पता चला कि पकड़े गए संदिग्धों के बैंक खाते कई राज्यों में 22 अन्य साइबर धोखाधड़ी के मामलों से जुड़े हुए थे, जिनमें कुल लेनदेन लगभग 3.5 करोड़ रुपये था। हैदराबाद पुलिस ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन कॉल या वीडियो कॉल के माध्यम से किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट हेल्पलाइन नंबर 1930 या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर करने की अपील की है।