देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की हत्या के खिलाफ नाराजगी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने सोमवार को देहरादून में त्रिपुरा की छात्रा एंजेल चकमा की मौत को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने इसे नफरत और कट्टरता का चौंकाने वाला प्रदर्शन करार दिया और गृह मंत्री अमित शाह से ऐसे अपराधों के खिलाफ बोलने का आग्रह किया। सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सरकार में बैठे नेताओं की चुप्पी उन्हें इन अपराधों में भागीदार बनाती है।
24 वर्षीय एंजेल चकमा की मौत 26 दिसंबर को हुई, जब 9 दिसंबर को हुए एक हमले के बाद वह दो सप्ताह तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही। पुलिस के अनुसार, एक मामूली विवाद के बाद आरोपियों ने एंजेल पर चाकू और पीतल के मुक्कों (ब्रास नकल्स) से हमला किया था। पीड़िता के पिता, जो मणिपुर में तैनात बीएसएफ जवान हैं, ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके बेटों को चाइनीज मोमो कहकर नस्लीय गालियां दी थीं। हालांकि, देहरादून पुलिस ने नस्लीय भेदभाव के दावों को खारिज करते हुए कहा कि आरोपियों में से एक खुद मणिपुर का निवासी है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना को अस्वीकार्य बताते हुए सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब तक पांच आरोपियों को पकड़ा जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी अभी भी फरार है, जिस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने भी धामी से बात कर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है। सिब्बल ने इस मामले को लेकर देशभर में बढ़ रही कट्टरता पर चिंता जताई और सरकार से निर्णायक कदम उठाने की अपील की।