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चुनावी तैयारियों का जायजा लेने अमित शाह का असम दौरा

बटाद्रवा सांस्कृतिक प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को असम की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संजोने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया। उन्होंने नगांव जिले में महान समाज सुधारक और संत महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की जन्मस्थली पर 227 करोड़ रुपये की लागत से तैयार बटाद्रवा सांस्कृतिक परियोजना का भव्य उद्घाटन किया।

इस परियोजना की आधारशिला स्वयं शाह ने इसी वर्ष फरवरी में रखी थी, जिसे रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है। यह प्रोजेक्ट न केवल असम बल्कि पूरे देश के लिए सत्रीय संस्कृति के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।

इस प्रतिष्ठित परियोजना की विशेषताओं की बात करें तो इसमें सत्रीय स्थापत्य कला से प्रेरित आधुनिक गेस्ट हाउस, एक विशाल कला केंद्र और श्रीमंत शंकरदेव की विरासत को प्रतीक रूप देने वाला दुनिया का सबसे ऊंचा गुरु आसन बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, इस परिसर में एक शोध केंद्र भी है जिसका आकार पारंपरिक वाद्य यंत्र खोल जैसा है, जबकि कौशल विकास केंद्र को एक सुंदर नाव का स्वरूप दिया गया है। शाह ने गुवाहाटी में पूर्वोत्तर भारत के सबसे बड़े और अत्याधुनिक ज्योति विष्णु प्रेक्षागृह का भी उद्घाटन किया, जिसमें 5,000 लोगों के बैठने की क्षमता है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की उपस्थिति में शाह ने असम आंदोलन के शहीदों को स्वहिद स्मारक क्षेत्र जाकर भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की। जनसभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने भारत रत्न गोपीनाथ बोरदोलोई के योगदान को याद करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बोरदोलोई के दृढ़ संकल्प और दूरदर्शिता के कारण ही असम और संपूर्ण पूर्वोत्तर भारत का हिस्सा बना रह सका। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बोरदोलोई ने ही तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को असम को भारत में बनाए रखने के लिए राजी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

वहीं, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने संबोधन में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जिस पवित्र स्थान पर आज शंकरदेव की जन्मस्थली विकसित की गई है, वह पहले अज्ञात लोगों और अवैध कब्जाधारियों के नियंत्रण में था। उन्होंने गर्व से घोषणा की कि भाजपा सरकार ने न केवल पवित्र बटाद्रवा थान को अतिक्रमण से मुक्त कराया, बल्कि राज्य भर में लगभग 480 एकड़ से अधिक धार्मिक और सांस्कृतिक भूमि को अवैध कब्जे से छुड़ाया है।

गुवाहाटी की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद बनाने के लिए, शाह ने एक नए पुलिस आयुक्तालय और एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (ICCS) का भी उद्घाटन किया, जो 2,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे शहर की सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों की निगरानी करेगा।