Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
शर्मनाक! सूरजपुर में नाले के गंदे पानी में बर्तन धो रहे स्कूली बच्चे; मिड डे मील के नाम पर परोसी जा ... Adi Parab 2026: जनजातीय उत्सव 'आदि परब' का भव्य शुभारंभ, कई राज्यों के लोक नृत्य और संगीत बने आकर्षण... जेल या फाइव स्टार होटल? 2 साल की सजा काट रहे दोषी को मेडिकल कॉलेज में मिला 'वीआईपी ट्रीटमेंट'; वार्ड... Chhattisgarh LPG Hoarding Action: छत्तीसगढ़ में 741 गैस सिलेंडर जब्त, रायपुर और बिलासपुर में सबसे बड... बालोद प्रशासन का 'सुपर एक्शन'! पोण्डी में लगा शिकायतों का अंबार, अधिकारियों ने मौके पर ही निपटाए 159... LPG का हाहाकार! गैस एजेंसियों के बाहर लगी किलोमीटर लंबी कतारें, खाली सिलेंडर लेकर भटक रहे लोग; जानें... सूरजपुर में मातम के बीच भारी बवाल! पेड़ काटने के दौरान युवक की दर्दनाक मौत, परिजनों ने शव सड़क पर रख... मैनेजर निकला 'विभीषण'! पेट्रोल पंप मालिक को लगाया ₹40 लाख का चूना, हिसाब में पकड़ी गई चोरी तो उड़ गए... उदंती सीतानदी में बाघ की दहाड़! ट्रैप कैमरे में कैद हुई 'किंग' की दुर्लभ तस्वीर, वन विभाग ने जारी कि... छत्तीसगढ़ बजट 2026-27: शिक्षा पर बरसे ₹22,466 करोड़! स्कूलों की बदलेगी सूरत, कोर्ट और ग्रामोद्योग के...

रेहड़ी से BMW-मर्सिडीज तक! झुग्गी वाला करोड़पति अब बुरा फंसा, हैरान कर देगा मामला

चंडीगढ़: राम दरबार इलाके की झुग्गी में रहकर करोड़पति बने रामलाल चौधरी और उसके बेटे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में रामलाल चौधरी और उसके बेटे अमित कुमार के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को नोटिस जारी कर 6 फरवरी से सुनवाई तय की है।

बताया जा रहा है कि रामलाल चौधरी और उसके बेटे के पास करीब 150 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति है। जांच के दौरान BMW और मर्सिडीज जैसी लग्जरी गाड़ियां भी बरामद हुई थीं। यह मामला करीब 4 साल पुराना है, जब चंडीगढ़ पुलिस ने रामलाल चौधरी को धोखाधड़ी के दो बड़े मामलों में गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उसके बड़े वित्तीय नेटवर्क का खुलासा होने के बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से केस अपने हाथ में लिया। रामलाल चौधरी करीब 50 साल पहले मजदूरी किया करता था। साल 1976 में वह चंडीगढ़ आया और राम दरबार की झुग्गियों में रहने लगा। शुरुआती समय में उसने रेहड़ी लगाकर और छोटे-मोटे काम कर गुजारा किया।

बाद में उसने प्रभावशाली लोगों और कुछ पुलिसकर्मियों से नजदीकियां बढ़ाईं और फाइनेंस के कारोबार में उतर गया। आरोप है कि वह लोगों को आपराधिक मामलों में राहत दिलाने और सरकारी तंत्र में पहुंच का भरोसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। जानकारी के अनुसार, 4 साल पहले गुरुग्राम के कारोबारी अतुल्य शर्मा ने निवेश के नाम पर 5 करोड़ रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद रेवाड़ी के एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने भी 6 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया। रामलाल चौधरी का नाम समय-समय पर दुष्कर्म और हत्या जैसे मामलों से भी जुड़ता रहा है।