भाजपा संगठन के भीतर से मिलने लगे नये संकेत
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में एक बड़े बदलाव की तैयारी अंतिम चरण में है। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किए गए युवा नेता नितिन नबीन अगले साल 20 जनवरी तक आधिकारिक तौर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाल सकते हैं। वह वर्तमान अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल पूरा होने के बाद अब संगठन की कमान नई पीढ़ी के हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है।
एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस चुनावी प्रक्रिया को संपन्न करने के लिए 15 जनवरी के बाद देशभर के सभी राज्य भाजपा अध्यक्षों को देश की राजधानी दिल्ली बुलाया जा सकता है। पार्टी के आंतरिक सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की पूरी प्रक्रिया 18 जनवरी से 20 जनवरी के बीच संपन्न होने की प्रबल संभावना है। भाजपा की परंपरा और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए माना जा रहा है कि नितिन नबीन राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले एकमात्र उम्मीदवार होंगे, जिससे उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है।
निर्वाचन की प्रक्रिया के अनुसार, देशभर से आने वाले राज्य भाजपा अध्यक्ष नबीन की उम्मीदवारी का समर्थन करते हुए नामांकन पत्रों का एक सेट जमा करेंगे। इसके साथ ही, पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों द्वारा नामांकन का दूसरा सेट दाखिल किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इसी महीने की शुरुआत में नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर उनके भावी नेतृत्व के संकेत दे दिए गए थे।
45 वर्ष की आयु में इस प्रतिष्ठित पद पर आसीन होकर नितिन नबीन भाजपा के इतिहास में सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर एक नया रिकॉर्ड बनाएंगे। बिहार की राजनीति में उनकी गहरी पैठ है; वह पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार पांच बार विधायक निर्वाचित हो चुके हैं। उन्होंने बिहार सरकार में लोक निर्माण विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय का कार्यभार भी संभाला है। हालांकि, संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
नबीन की संगठनात्मक क्षमता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ में भाजपा के प्रभारी के तौर पर उत्कृष्ट कार्य किया और लंबे समय तक भारतीय जनता युवा मोर्चा में भी सक्रिय रहे। उनकी आरएसएस पृष्ठभूमि, संगठन के प्रति अटूट निष्ठा और युवा ऊर्जा को ही उनके पक्ष में सबसे बड़े कारक के रूप में देखा जा रहा है। नबीन का चयन भाजपा की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत पार्टी अपने नेतृत्व को युवा और अधिक गतिशील बनाना चाहती है।