Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
कोलंबिया में विनाशकारी भूकंप से तबाही: 132 की मौत, बोगोटा से वेनेजुएला तक कांपी धरती; जापान में भी आ... छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में आज 'झारखंड बंद': राज्य भर में सुरक्षा सख्त, निजी स्कूल बंद; बीजेपी... JPSC पेपर लीक मामला: CID ने पूर्व अध्यक्ष खियांगते को लिया हिरासत में, 17वें दिन भी छात्रों का प्रदर... कई तटीय शहर समुद्र के बढ़ने से भी तेजी से डूब रहे दिल्ली विधानसभा में पेश 2024-25 की CAG रिपोर्ट: सब्सिडी में 172% की बढ़ोतरी, घटकर 3,695 करोड़ हुआ कै... जयपुर में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला: डीप-टेक रोबोटिक कंपनी से सीक्रेट कोडिंग और LiDAR सेंसर च... पेपर लीक के 'Proceeds of Crime' की होगी जांच: ED खंगालेगी पूरा नेटवर्क, NEET-UG मामले में भी जल्द हो... केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, बोले— "राहुल हर दिन बदलते हैं गोलपोस्ट, फैला... मानसून सत्र के अंतिम 2 दिन: छात्र लाठीचार्ज पर चर्चा को तैयार सरकार, क्या JPC को भेजा जाएगा FCRA संश... यह 79 फीट लंबा समुद्र का दैत्य हुआ करता था, देखें वीडियो

सेंगर की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका

उन्नाव बलात्कार मामला में दिल्ली हाईकोर्ट का विरोध

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उन्नाव बलात्कार मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित करने और उसे जमानत देने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी है। जांच एजेंसी ने उच्च न्यायालय के इस आदेश की समीक्षा की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

दिसंबर 2019 में सेंगर को उम्रकैद और 25 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। उसने जनवरी 2020 में दिल्ली उच्च न्यायालय में इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की और बाद में मार्च 2022 में सजा के निलंबन की याचिका दायर की, जिसका सीबीआई और पीड़िता के वकील दोनों ने कड़ा विरोध किया था।

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, दिल्ली उच्च न्यायालय ने 23 दिसंबर, 2025 को अपील के निपटारे तक सेंगर की सजा को निलंबित कर दिया और कुछ शर्तों के साथ उसे जमानत दे दी। हालांकि, इस राहत के बावजूद, सेंगर की तत्काल रिहाई की उम्मीद नहीं है क्योंकि वह वर्तमान में हत्या से संबंधित एक अन्य सीबीआई मामले में 10 साल की सजा काट रहा है।

उच्च न्यायालय के आदेश की विस्तृत जांच के बाद, सीबीआई ने 26 दिसंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष अनुमति याचिका दायर की। पीड़िता ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह सजा निलंबित करने के फैसले से डरी नहीं है और उसे न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है।

उसने कहा कि सेंगर की जमानत से उसके परिवार की सुरक्षा और आजीविका खतरे में पड़ गई है। पीड़िता ने कहा, इस आदेश ने मुझे और मेरे जैसी कई महिलाओं को कैद कर दिया है। मेरा परिवार खतरे में है। मेरे पति की नौकरी छूट गई है। हम अब क्या करें? उसने कानूनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि उसे डराकर चुप नहीं कराया जा सकता।