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MNS को लगा ‘महाजन’ झटका: राज ठाकरे के सबसे करीबी सिपहसालार ने क्यों थामा एकनाथ शिंदे का दामन?

महाराष्ट्र में मुंबई समेत 29 नगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को चुनाव है. इस चुनाव के मद्देनजर शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस के बीच समझौता हुआ है और दोनों ही भाई उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस बीच राज ठाकरे को बड़ा सियासी झटका लगने की सियासी अटकलें लगाई जा रही हैं. पूर्व एमएनएस नेता और भाजपा के आला दिवंगत नेता प्रमोद महाजन के भाई प्रकाश महाजन ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की. ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे जल्द ही शिवसेना में शामिल हो सकते हैं. इसी वजह से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं.

प्रकाश महाजन ने कुछ महीने पहले एमएनएस छोड़ दी थी. इस बार उन्होंने एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे की आलोचना करते हुए पार्टी छोड़ने की वजह बताई थी.

उन्होंने आरोप लगाया था कि एमएनएस हिंदुत्व से दूर जा रही है. यही कारण है कि उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया. प्रकाश महाजन ने कहा था कि उन्हें राज ठाकरे से डर नहीं लगता. इसके बाद उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की. इसी वजह से चर्चा है कि वे शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं.

हिंदुत्व के मुद्दे पर एमएनएस से बनाई दूरी

दिवंगत वरिष्ठ भाजपा नेता प्रमोद महाजन के छोटे भाई प्रकाश महाजन का राजनीतिक सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है. मराठवाड़ा, विशेषकर छत्रपति संभाजीनगर और बीड जिलों में उनका काफी प्रभाव माना जाता है. उन्होंने राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. वहां उन्होंने एक संगठनात्मक नेता के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

कुछ समय बाद प्रकाश महाजन शिवसेना में शामिल हो गए. उन्होंने शिवसेना के प्रवक्ता के रूप में भी काम किया. हालांकि, इसके बाद वे वापस एमएनएस में लौट आए. सितंबर 2025 में प्रकाश महाजन ने एक बार फिर एमएनएस छोड़ दी. उन्होंने नारायण राणे से मिल रही धमकियों का हवाला देते हुए सनसनी मचा दी थी.

उन्होंने प्रमोद महाजन की हत्या के पीछे किसी साजिश की आशंका को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल भी उठाए थे. उन्हें मराठवाड़ा में एमएनएस का प्रमुख नेता माना जाता था. वे एमएनएस की मुखर आवाज थे और टीवी बहस कार्यक्रमों में एमएनएस का मुद्दा उठाते थे.

राज ठाकरे और महाजन में दूरी, ये हैं वजह

प्रमोद महाजन महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना के बीच गठबंधन के मुख्य सूत्रधार माने जाते थे. उनमें राजनीतिक कौशल एवं संगठन की अद्वितीय क्षमता थी. हालांकि प्रकाश महाजन प्रमोद महाजन की तरह चुनाव की राजनीति में उतना सफल नहीं हुए, लेकिन महाजन सरनेम की वजह से महाराष्ट्र की सियासत में उनकी अपनी पहचान है.

प्रमोद महाजन की बेटी पूनम महाजन भाजपा की नेता है और भाजपा की राजनीति में सक्रिय है, लेकिन प्रकाश महाजन अभी तक मनसे की राजनीति करते रहे थे, लेकिन अब चुनाव से पहले जिस तरह से उनकी एकनाथ शिंदे से मुलाकात हुई है.

प्रकाश महाजन ने शिंदे से की मुलाकात

इससे साफ है कि उन्होंने भाजपा और शिवसेना की ओर से अपना कदम बढ़ा दिया है. यदि वह मनसे छोड़कर शिवसेना में शामिल होते हैं, तो मनसे के लिए यह बड़ा झटका होगा, क्योंकि वह अपने आक्रमक तेवर के लिए जाने जाते हैं.

अभी तक राज ठाकरे प्रकाश महाजन का इस्तेमाल पुराने वोट बैंक या भाजपा से नाराज लोगों को आकर्षित करने के लिए किया करते थे, लेकिन प्रकाश महाजन के जाने से उनके हाथ का एक बड़ा तुरुप का पत्ता खिसक जाएगा.