मौसम की मार से जापान के जनजीवन पर कुप्रभाव
टोक्योः जापान का उत्तरी और पश्चिमी हिस्सा इस समय एक अभूतपूर्व शीतकालीन आपदा की चपेट में है। साइबेरिया से आने वाली बर्फीली हवाओं और जापान सागर के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण रिकॉर्ड तोड़ हिमपात हो रहा है। पिछले 12 घंटों के भीतर, जापान के परिवहन तंत्र की कमर टूट गई है।
टोक्यो के नरीता और हानेडा हवाई अड्डों सहित ओसाका और होक्काइडो के प्रमुख हवाई अड्डों पर 100 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हवाई अड्डों के रनवे पर बर्फ की कई फीट मोटी परत जम गई है, जिसे हटाने के लिए भारी मशीनें निरंतर काम कर रही हैं, लेकिन निरंतर गिरती बर्फ इन प्रयासों को विफल कर रही है। टर्मिनल भवनों में हजारों यात्री फंसे हुए हैं, जिनके लिए भोजन और कंबल की व्यवस्था करना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में केवल एक रात में 100 सेंटीमीटर से अधिक बर्फ गिरी है। दृश्यता शून्य के करीब होने के कारण सड़कों पर वाहन चलाना असंभव हो गया है। तोहोकू एक्सप्रेसवे सहित कई प्रमुख राजमार्गों पर सैकड़ों गाड़ियाँ घंटों से फंसी हुई हैं, जिससे भीषण जाम की स्थिति पैदा हो गई है।
स्थानीय प्रशासन ने स्नो मोबाइल्स के जरिए फंसे हुए ड्राइवरों तक ईंधन और आपातकालीन किट पहुँचाने की कोशिश की है। बुलेट ट्रेन, जो अपनी सटीकता के लिए जानी जाती है, वह भी इस बार कुदरत के आगे बेबस नजर आ रही है और कई लाइनों पर सेवाओं को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
इस प्राकृतिक संकट का सबसे बुरा प्रभाव ग्रामीण बिजली आपूर्ति पर पड़ा है। भारी बर्फ के बोझ से ट्रांसमिशन लाइनें टूट गई हैं, जिससे कड़ाके की ठंड के बीच हजारों परिवार बिना हीटिंग और रोशनी के रहने को मजबूर हैं। सरकार ने बुजुर्गों और अकेले रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेल्फ डिफेंस फोर्सेज को तैनात किया है।
स्कूलों को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है और निजी कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दें। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह शीत लहर अगले दो दिनों तक जारी रहेगी, जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ने की आशंका है।