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आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू अयोध्या आयेंगे

यूपी प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट की युद्धस्तर पर तैयारी

  • आगामी 28 दिसंबर को होगा आगमन

  • वीआईपी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये

  • दौरे के लिए बुलेटप्रूफ काफिला रहेगा

अयोध्या: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश की राजनीति के दिग्गज नेता एन. चंद्रबाबू नायडू आगामी 28 दिसंबर को प्रभु श्री राम की पावन नगरी अयोध्या के ऐतिहासिक दौरे पर पहुंच रहे हैं। आंध्र के चाणक्य के रूप में विख्यात नायडू की यह यात्रा न केवल उनकी व्यक्तिगत धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि इसे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सेतु को और अधिक सुदृढ़ करने के एक बड़े प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।

यात्रा का उद्देश्य और विशेष निमंत्रण यह दौरा उस समय हो रहा है जब राम मंदिर में विशेष मंडल पूजा के अनुष्ठान चल रहे हैं। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री नायडू को इस पावन अवसर पर आने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा था। अपनी इस यात्रा के दौरान नायडू न केवल रामलला की भव्य प्रतिमा के सम्मुख मत्था टेकेंगे, बल्कि नवनिर्मित मंदिर की अद्वितीय वास्तुकला, नागर शैली के पत्थरों पर उकेरी गई नक्काशी और मंदिर परिसर के विस्तार कार्य का सूक्ष्म अवलोकन भी करेंगे।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल निर्धारित कार्यक्रम के तहत, मुख्यमंत्री 28 दिसंबर की सुबह लगभग 10:00 बजे अपने विशेष विमान से महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेंगे। हवाई अड्डे पर उत्तर प्रदेश शासन के वरिष्ठ मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा। मुख्यमंत्री के साथ आंध्र प्रदेश कैबिनेट के कुछ खास सहयोगियों और उनके परिवार के सदस्यों के रहने की भी संभावना है। सुरक्षा को देखते हुए अयोध्या पुलिस ने हवाई अड्डे से राम जन्मभूमि परिसर तक ग्रीन कॉरिडोर विकसित किया है ताकि उनका बुलेटप्रूफ काफिला बिना किसी बाधा के गंतव्य तक पहुंच सके।

प्रशासनिक और सांस्कृतिक निहितार्थ मुख्यमंत्री नायडू अयोध्या में लगभग तीन घंटे का समय व्यतीत करेंगे। इस दौरान वे रामलला की मुख्य आरती में सम्मिलित होंगे और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस यात्रा के प्रशासनिक मायने भी महत्वपूर्ण हैं; आंध्र प्रदेश सरकार ने हाल ही में अयोध्या में आंध्र सदन के निर्माण हेतु भूमि की मांग की है।

इस दौरे के दौरान नायडू और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच एक औपचारिक भेंट की भी संभावना जताई जा रही है। इस बैठक में तिरुपति बालाजी मंदिर और अयोध्या धाम जैसे वैश्विक तीर्थस्थलों के प्रबंधन, तकनीकी सहयोग और पर्यटन विकास के साझा मॉडल पर चर्चा हो सकती है।

श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान अयोध्या प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि इस हाई-प्रोफाइल वीआईपी दौरे के कारण आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या न हो। दर्शन के समय को इस तरह से समायोजित किया गया है कि सामान्य जन का प्रवाह बना रहे। दर्शन और पूजन संपन्न करने के पश्चात, मुख्यमंत्री उसी शाम पुनः हवाई अड्डे के लिए प्रस्थान करेंगे।