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तेज रफ्तार बस की टक्कर में सोलह की मौत

पश्चिमी जावा के घनी आबादी वाले इलाके में दुर्घटना

पश्चिम जावा: इंडोनेशिया के सबसे घनी आबादी वाले और व्यस्ततम द्वीप जावा से एक हृदयविदारक समाचार सामने आया है। सोमवार तड़के एक तेज़ रफ्तार अंतर-शहरी यात्री बस अनियंत्रित होकर कंक्रीट के डिवाइडर से जा टकराई। इस भीषण टक्कर में अब तक 16 यात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। यह दुर्घटना जावा के मुख्य एक्सप्रेसवे पर हुई, जो राजधानी जकार्ता को पूर्वी हिस्सों से जोड़ता है।

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, बस अपनी निर्धारित गति से अधिक तेज़ चल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अचानक बस ने अपना संतुलन खो दिया और एक ज़ोरदार धमाके के साथ कंक्रीट के सुरक्षा अवरोधक से टकरा गई। टक्कर इतनी शक्तिशाली थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से पिचक गया और इंजन के पुर्जे सड़क पर बिखर गए। दुर्घटना के समय अधिकांश यात्री सो रहे थे, जिससे उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय राहत एवं बचाव दल (Basarnas) को बस की बॉडी काटकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने में घंटों कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

इंडोनेशियाई परिवहन मंत्रालय और स्थानीय पुलिस ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में दो मुख्य सिद्धांतों पर काम किया जा रहा है। अधिकारियों का संदेह है कि लंबी दूरी की यात्रा के कारण चालक को नींद का झोंका आ गया होगा। इंडोनेशिया में ड्राइवरों के काम के घंटों और विश्राम की कमी अक्सर ऐसी बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनती है।

बस के ब्रेक फेल होने या टायर फटने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। पुलिस बस के ब्लैक बॉक्स और मेंटेनेंस रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि पता चल सके कि क्या वाहन सड़क पर चलने लायक था या नहीं।

इस दुखद घटना ने इंडोनेशिया में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रपति कार्यालय ने इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है और परिवहन मंत्री को तत्काल राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा समीक्षा के आदेश दिए हैं। सरकार ने घोषणा की है कि सभी सार्वजनिक परिवहन ऑपरेटरों के लिए अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा। एक्सप्रेसवे पर ड्राइवरों के लिए हर 4 घंटे में विश्राम करना अनिवार्य बनाने के लिए सख्त निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा। पुराने और जर्जर वाहनों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है।