सऊदी अरब में आयोजित हुआ एक विशेष समारोह
रियाद, सऊदी अरब: सऊदी अरब के सुल्तान और खादिम-ए-हरमैन-शरीफैन, किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज ने एक विशेष शाही समारोह में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान किंग अब्दुलअजीज मेडल ऑफ द फर्स्ट क्लास से अलंकृत किया है। यह सम्मान केवल एक पदक नहीं है, बल्कि यह रियाद और इस्लामाबाद के बीच दशकों पुराने रणनीतिक भाईचारे पर भरोसे की एक नई मुहर है।
सऊदी अरब द्वारा पाकिस्तानी सेना प्रमुख को दिया गया यह सर्वोच्च सम्मान तब आया है जब पाकिस्तान और सऊदी अरब के रक्षा संबंध एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। गौरतलब है कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की इस यात्रा के दौरान न केवल प्रोटोकॉल का पालन किया गया, बल्कि उन्हें सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ भी विस्तृत चर्चा करने का अवसर मिला। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सऊदी अरब अपनी विज़न 2030 योजना के तहत अपनी सैन्य क्षमताओं का आधुनिकीकरण करना चाहता है, और इसमें पाकिस्तान की अनुभवी सेना और तकनीकी सहयोग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस मुलाकात के केंद्र में खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एक ठोस रणनीति तैयार करना था। चर्चा के प्रमुख बिंदु में दोनों देशों ने आतंकवाद के बदलते स्वरूप और साइबर खतरों से निपटने के लिए रीयल-टाइम इंटेलिजेंस साझा करने पर सहमति जताई।
आने वाले वर्षों में दोनों देशों की सेनाओं के बीच बड़े पैमाने पर संयुक्त युद्धाभ्यास की योजना बनाई गई है, ताकि समुद्री और जमीनी सुरक्षा को चाक-चौबंद किया जा सके। सऊदी अरब ने अफगानिस्तान और दक्षिण एशिया में स्थिरता बनाए रखने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों की सराहना की, जबकि पाकिस्तान ने पवित्र स्थलों (मक्का और मदीना) की सुरक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।
यह सम्मान ऐसे समय में दिया गया है जब पाकिस्तान आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। सऊदी अरब द्वारा सेना प्रमुख को यह प्राथमिकता देना यह संदेश देता है कि वह पाकिस्तान की राजनीतिक और सैन्य व्यवस्था को अपना सबसे भरोसेमंद सहयोगी मानता है। इस दौरे से उम्मीद की जा रही है कि सऊदी अरब पाकिस्तान के रक्षा उद्योग और बुनियादी ढांचे में अरबों डॉलर के नए निवेश की घोषणा कर सकता है।
किंग अब्दुलअजीज मेडल से नवाजा जाना इस बात का प्रमाण है कि सऊदी नेतृत्व फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के विजन और पाकिस्तानी सेना की पेशेवर क्षमता का कायल है। यह मुलाकात न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती प्रदान करती है, बल्कि यह पूरे इस्लामिक जगत को एकता और शक्ति का संदेश भी देती है।