मोदी सरकार द्वारा रेल किराया बढ़ाने का विरोध हुआ
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केसी वेणुगोपाल ने निशाना साधा है
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जनता पर लगातार बोझ डाला जा रहा
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संसद में चर्चा से भाग रही मोदी सरकार
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे द्वारा यात्री किराये में की गई नवीनतम बढ़ोतरी को लेकर देश में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने रविवार को केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने चुपके से रेल किराये बढ़ाकर देश की पहले से ही आर्थिक दबाव झेल रही जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। विपक्ष ने इस कदम को गरीबों और मध्यम वर्ग की जेब पर डाका डालने वाला विश्वासघाती निर्णय करार दिया है।
रेल मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, किराये में यह संशोधन 26 दिसंबर 2025 से प्रभावी होगा। नई दरों के तहत: साधारण श्रेणी 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करने वाले यात्रियों को अब प्रति किलोमीटर 1 पैसा अतिरिक्त देना होगा। मेल/एक्सप्रेस और एसी कोच: मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की गैर-एसी श्रेणियों के साथ-साथ सभी ट्रेनों की एसी श्रेणियों के किराये में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की फ्लैट बढ़ोतरी की गई है।
रेलवे अधिकारियों ने इस वृद्धि को मामूली बताते हुए स्पष्ट किया कि इससे उपनगरीय ट्रेनों के मासिक सीजन टिकट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। साथ ही, 215 किलोमीटर तक की छोटी दूरी की साधारण यात्राओं को भी इस बढ़ोतरी से बाहर रखा गया है। सरकार का अनुमान है कि इस वृद्धि से मार्च 2026 तक रेलवे के खजाने में 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जमा होगा।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक कड़ा संदेश साझा करते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में संसद सत्र के दौरान इस वृद्धि की घोषणा करने का साहस नहीं था, क्योंकि वह जानती थी कि उसे कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा। वेणुगोपाल ने कहा, मोदी सरकार ने जानबूझकर यह फैसला संसद से बाहर लिया ताकि सार्वजनिक जांच से बचा जा सके। यह उन करोड़ों लोगों के साथ धोखा है जो रेल को अपनी जीवनरेखा मानते हैं।
कांग्रेस ने किराये में बढ़ोतरी को केवल आर्थिक नहीं, बल्कि नैतिक मुद्दा भी बनाया है। पार्टी ने कहा कि एक तरफ किराये बढ़ाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ट्रेनों में भीड़भाड़, स्टेशनों पर भगदड़ जैसी स्थिति और बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली रियायतों को बहाल न करने पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया गया। वेणुगोपाल ने सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लगभग हर महीने होने वाले रेल हादसे यात्रियों के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं, लेकिन सरकार का ध्यान केवल जनता को निचोड़ने पर है। कांग्रेस ने सरकार से इस वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जनता पर यह बोझ डाला गया, तो पार्टी इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी।