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कांगो से हटने को तैयार हुए एम 23 विद्रोही

डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी का अब रवांडा पर असर दिखा

उविराः रवांडा समर्थित विद्रोही समूह एम 23 ने घोषणा की है कि वह पूर्वी कांगो के उविरा शहर से पीछे हट जाएगा। यह निर्णय अमेरिकी प्रशासन के उस अनुरोध के बाद आया है जिसमें इस शहर पर कब्जे को शांति प्रयासों के लिए खतरा बताया गया था। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही कांगो और रवांडा के राष्ट्रपतियों ने वाशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात की थी और वाशिंगटन समझौते के तहत शांति बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई थी, लेकिन इसके तुरंत बाद विद्रोहियों ने उविरा पर कब्जा कर लिया था।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि रवांडा की ये कार्रवाइयां वाशिंगटन समझौते का उल्लंघन हैं और अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि राष्ट्रपति से किए गए वादों को निभाया जाए। हालांकि रवांडा ने M23 को समर्थन देने से इनकार किया है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, रवांडा का इन विद्रोहियों पर सीधा कमान और नियंत्रण है। कांगो रिवर एलायंस के नेता कॉर्नेली नांगा ने सोशल मीडिया पर बताया कि यह वापसी एक एकतरफा विश्वास बहाली का कदम है।

विद्रोही सूत्रों का कहना है कि एम 23 और कांगो की सेना, दोनों ही उविरा से 5 किलोमीटर पीछे हटकर एक बफर जोन बनाएंगे। जनवरी से शुरू हुए एम 23 के इस आक्रामक अभियान में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और लाखों बेघर हुए हैं। विद्रोहियों ने पूर्वी कांगो में अपनी समानांतर सरकार चलाने की कोशिश की है, जिससे इस मध्य अफ्रीकी देश के स्थायी रूप से विभाजित होने का खतरा पैदा हो गया है। फिलहाल नागरिक संगठनों का कहना है कि विद्रोही अभी भी कुछ इलाकों में मौजूद हैं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।