Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bhiwadi Factory Blast: भिवाड़ी में कपड़े की फैक्ट्री में चल रहा था पटाखों का अवैध काम, धमाके में 7 क... Crime News: शादी की बात करने पहुंचे बॉयफ्रेंड पर भाइयों का खौफनाक हमला, ब्लेड से रेता गला; लगे 18 टा... MP Congress Recruitment: मध्य प्रदेश कांग्रेस में प्रवक्ताओं की भर्ती, 'टैलेंट हंट' के जरिए मिलेगी न... Jodhpur Sadhvi Prem Baisa Case: साध्वी प्रेम बाईसा की मौत मामले में 20 दिन बाद FIR दर्ज, कंपाउंडर पर... Delhi Zoo Animal Adoption: अब आप भी गोद ले सकते हैं बाघ और हिरण, दिल्ली चिड़ियाघर ने जारी की जानवरों... Weather Update 2026: दिल्ली में अगले 24 घंटे में बारिश का 'Yellow Alert', पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर... Falgun Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या पर पितरों को कैसे करें प्रसन्न? राशि अनुसार दान से चमक जाएगी ... झांसी में खौफनाक वारदात: होटल मैनेजर को बेल्टों से 40 बार बेरहमी से पीटा, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान! 'कुर्सी के लायक नहीं राहुल गांधी...' नवजोत कौर सिद्धू का कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला, लगाए गंभीर आ... Surya Grahan 2026: साल का पहला सूर्य ग्रहण, इन 4 राशियों के लिए होगा बेहद भारी, जानें शुभ-अशुभ फल

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर एक किलोमीटर चलना पड़ेगा

नई व्यवस्था से हवाई यात्रा करने वाले लोगों की परेशानी

राष्ट्रीय खबर

बेंगलुरुः बेंगलुरु के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव लागू किया गया है, जिसके तहत उन्हें अब कैब या टैक्सी पकड़ने के लिए टर्मिनल बिल्डिंग से लगभग एक किलोमीटर (करीब 1000 मीटर) की दूरी तय करनी पड़ेगी। एयरपोर्ट प्राधिकरण द्वारा यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का हवाला देते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन इससे यात्रियों को, खासकर बुजुर्गों, बच्चों वाले परिवारों और भारी सामान वाले यात्रियों को, खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

यह बदलाव मुख्य रूप से टर्मिनल 1  के पूरी तरह से परिचालन में आने और एयरपोर्ट के यातायात प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से किया गया है। अब, सभी कैब और टैक्सी एग्रीगेटर्स (जैसे ओला, उबर) के पिकअप पॉइंट को एक सेंट्रलाइज्ड कैब-पूल क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया है। पहले, टैक्सी और कैब सीधे टर्मिनल के बाहर उपलब्ध थीं, लेकिन अब यात्रियों को इन वाहनों तक पहुंचने के लिए एक लंबे कवर्ड वॉकवे (ढका हुआ रास्ता) से गुज़रना होगा।

एयरपोर्ट प्रबंधन ने दावा किया है कि इस नए वॉकवे को चलती सीढ़ियों (ट्रेवलेटर्स) और पर्याप्त साइनेज के साथ डिज़ाइन किया गया है, ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो। इसके अलावा, उन्होंने भारी सामान वाले यात्रियों के लिए पोर्टर (सामान उठाने वाले) और सीमित संख्या में बगी (छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ) सेवाएँ भी शुरू करने की घोषणा की है। हालांकि, यात्रियों के एक बड़े वर्ग ने सोशल मीडिया पर और मौके पर ही इस बदलाव पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है।

यात्रियों का कहना है कि एक किलोमीटर की दूरी सामान के साथ तय करना, खासकर रात के समय या खराब मौसम के दौरान, बहुत थकाऊ हो सकता है। एक यात्री ने शिकायत करते हुए कहा, बेंगलुरु आईटी हब है, लेकिन यहाँ एयरपोर्ट पर हमें शारीरिक श्रम के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है। एयरपोर्ट प्राधिकरण का कहना है कि यह निर्णय लंबी अवधि में यातायात जाम को कम करने और टर्मिनल के सामने के क्षेत्र को अत्याधुनिक स्वरूप देने के लिए लिया गया है। इस मुद्दे पर विवाद गहराता जा रहा है और यात्रियों के दबाव में एयरपोर्ट प्रबंधन को जल्द ही अपनी व्यवस्था में कुछ संशोधन करने पड़ सकते हैं।