सिवनी: मध्य प्रदेश के गौरव और भारत के प्रमुख वन्य क्षेत्र पेंच टाइगर रिजर्व से वह खबर सामने आई है, जिसने वन विभाग के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है. जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों की नजरों के सामने वह दुर्लभ क्षण आया, जिसका इंतजार हर वन्यजीव प्रेमी करता है. प्रसिद्ध जुगनू बाघिन अपने पांच नन्हें शावकों के साथ सड़क पार करते हुए कैमरे में कैद हुई है. इस पल के वीडियो और तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हो रही हैं. जिसने भी इस नजारे को देखा, वह कह उठा पेंच टाइगर रिजर्व सच में बाघों की धरती है.
रविवार सुबह नजर आया दुर्लभ पल
रविवार सुबह जंगल सफारी के दौरान कुछ पर्यटक टुरिया गेट की ओर सफर कर रहे थे. मौसम शांत था और जंगल पूरी तरह सुबह की ताज़गी में डूबा था. अचानक झाड़ियों में हलचल हुई और कुछ ही क्षणों बाद जुगनू बाघिन अपने 5 शावकों के साथ मुख्य रास्ते पर आ गई. करीब 30–40 सेकंड तक चली इस घटना में बाघिन पहले सड़क की सुरक्षा जांचती हुई दिखाई दी, फिर उसने धीरे-धीरे अपने शावकों को सुरक्षित पार करवाया. पर्यटकों ने बताया कि, उस क्षण जंगल में न कोई आवाज थी, न कोई हलचल. बस बाघिन और उसके बच्चों की चाल देखकर ऐसा महसूस हुआ जैसे समय ठहर गया हो.
बाघों की संख्या में सकारात्मक बढ़ोतरी
जुगनू बाघिन के 5 नन्हे शावकों का दिखाई देना केवल रोमांच और सुर्खियों का विषय नहीं है बल्कि यह वन विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. पिछले कुछ वर्षों में पेंच टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है और आज की यह घटना इस प्रवृत्ति को और मजबूत करती है. वन विभाग के अधिकारी इसे टाइगर कन्जर्वेशन के लिए बड़ी सफलता मान रहे हैं. वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, पेंच में बाघों की स्थिर और बढ़ती आबादी इस बात का संकेत है कि यहां वन प्रबंधन, सुरक्षा, प्राकृतिक आवास और शिकार नियंत्रण के उपाय प्रभावी तरीके से लागू किए जा रहे हैं.
पेंच केवल जंगल नहीं, एक धरोहर है
पेंच टाइगर रिजर्व अपनी प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीव विविधता और पर्यटकों को मिलने वाले रोमांचक अनुभव के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है. रूडयार्ड किपलिंग की किताब ‘The Jungle Book’ में वर्णित मोगली की कहानी भी इसी क्षेत्र से प्रेरित मानी जाती है. यह रिजर्व आज भी वैश्विक स्तर पर संरक्षण मॉडल के रूप में देखा जाता है.
जंगल के दिल से उठी उम्मीद की दहाड़
पेंच टाइगर रिजर्व में जुगनू बाघिन के 5 शावकों संग दिखने की घटना केवल एक दृश्य नहीं बल्कि एक संदेश है कि जब प्रकृति को बचाया जाता है, तो प्रकृति वापस देती है. यह खबर वन संरक्षण के प्रयासों में जुड़ी हुई नई उम्मीद है. आने वाले समय में यदि ये सभी शावक सुरक्षित बढ़ते हैं तो निश्चित ही यह पेंच और देश दोनों के लिए बड़ी उपलब्धि होगी.