ध्वनि अवरोध को पार करने का शांत तरीका सफल साबित
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पहली उड़ान का विवरण सार्वजनिक
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शांत सुपरसोनिक उड़ान का लक्ष्य
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वाणिज्यिक विमानन का नया विकल्प
राष्ट्रीय खबर
रांचीः नासा के महत्वाकांक्षी क्वेस्ट मिशन के तहत निर्मित प्रायोगिक सुपरसोनिक विमान एक्स-59 ने अपनी पहली ऐतिहासिक उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। यह घटना विमानन इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि यह विमान वाणिज्यिक सुपरसोनिक यात्रा के भविष्य को बदलने की क्षमता रखता है। इस विशेष जेट को लॉकहीड मार्टिन की स्कंक वर्क्स टीम ने नासा के साथ साझेदारी में विकसित किया है।
एक्स-59 ने अपनी पहली उड़ान 28 अक्टूबर, 2025 को कैलिफ़ोर्निया के पामडेल स्थित यूएस एयर फ़ोर्स प्लांट 42 से भरी। इस एक-की-एक-तरह के विमान को नासा के टेस्ट पायलट नील्स लार्सन ने उड़ाया। लगभग 67 मिनट की उड़ान के बाद, विमान सुरक्षित रूप से नासा के आर्मस्ट्रांग फ़्लाइट रिसर्च सेंटर में उतरा।
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शुरुआती उड़ान में, विमान ने अपनी प्रणालियों और उड़ान योग्य गुणों की जांच के लिए लगभग 12,000 फीट की ऊंचाई पर और 230 मील प्रति घंटे की सबसोनिक गति पर उड़ान भरी, जो योजना के अनुरूप था। इस उड़ान ने साबित कर दिया कि एक्स-59 का बुनियादी डिज़ाइन और नियंत्रण प्रणालियाँ पूरी तरह से काम कर रही हैं।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी तकनीक का प्रदर्शन करना है जो सुपरसोनिक गति (ध्वनि की गति से तेज़) से उड़ान भर सके, लेकिन पारंपरिक सोनिक बूम की जगह केवल एक धीमी सोनिक थम्प या शांत गड़गड़ाहट पैदा करे। दशकों से, ज़मीन के ऊपर सुपरसोनिक वाणिज्यिक उड़ान पर प्रतिबंध लगा हुआ है, क्योंकि ये ज़ोरदार सोनिक बूम ज़मीन पर रहने वाले लोगों के लिए बेहद कष्टदायक होते हैं। एक्स-59 का अनोखा और लंबा डिज़ाइन, नुकीली नाक और इंजन को ऊपर की तरफ रखने जैसी संरचनात्मक विशेषताएं, वायु दबाव की तरंगों को इस तरह से प्रबंधित करती हैं कि सोनिक बूम को बहुत कम कर दिया जाए।
एक्स-59 की सफलता वाणिज्यिक विमानन के लिए नए द्वार खोलेगी। नासा का लक्ष्य है कि यह विमान संयुक्त राज्य अमेरिका में कई समुदायों के ऊपर से उड़ान भरेगा, जहां इसका ध्वनि हस्ताक्षर मापा जाएगा और समुदाय की स्वीकार्यता का आकलन किया जाएगा। एकत्र किए गए इस डेटा को संघीय उड्डयन प्रशासन और अन्य अंतर्राष्ट्रीय नियामक निकायों को प्रदान किया जाएगा।
यह डेटा भविष्य के उन नियमों को स्थापित करने में मदद करेगा जो ज़मीन के ऊपर सुपरसोनिक वाणिज्यिक यात्रा की अनुमति देंगे। यदि यह मिशन सफल होता है, तो भविष्य के यात्री विमान ध्वनि की गति से उड़ सकेंगे, जिससे दुनिया भर में यात्रा का समय नाटकीय रूप से कम हो जाएगा। उदाहरण के लिए, न्यूयॉर्क से लंदन की उड़ान का समय आधा हो सकता है।
खबर में उल्लेखित ट्रंप का फैसला संभवतः क्वेस्ट मिशन के लिए दिए गए सरकारी वित्त पोषण और समर्थन से संबंधित है, जिसने इस परियोजना को गति दी। पूर्व अमेरिकी प्रशासन ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया, और एक्स-59 जैसे महत्वाकांक्षी अनुसंधान कार्यक्रमों को पर्याप्त धन आवंटन मिला, जिससे इसका निर्माण और परीक्षण समय पर संभव हो सका।
यह पहली उड़ान, आगे आने वाले परीक्षणों के चरण की शुरुआत मात्र है, जिसमें एक्स-59 उच्च गति और ऊंचाई पर उड़ान भरेगा, और आखिरकार, ध्वनि अवरोध को चुपचाप पार करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेगा। यह कदम भविष्य की सुपरसोनिक यात्रा के लिए एक शांत, टिकाऊ और कुशल मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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