इंडोनेशिया में बाढ़ से मौत का आंकड़ा बढ़ा
जर्काताः एशिया के कई हिस्सों में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने एक विशाल मानवीय त्रासदी को जन्म दिया है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पूरे एशिया में इन प्राकृतिक आपदाओं के कारण मरने वालों की संख्या 1,500 से अधिक हो गई है। इस कुल संख्या में सबसे अधिक प्रभावित देश इंडोनेशिया है, जहाँ अकेले 900 से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं।
भारी मानसूनी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिससे कई तटीय और निचले इलाके जलमग्न हो गए। इंडोनेशिया में, खासकर जावा और सुमात्रा के द्वीपों पर, अत्यधिक वर्षा के कारण कई स्थानों पर बड़े भूस्खलन भी हुए, जिसने पूरे गाँवों को मिट्टी और मलबे के नीचे दबा दिया।
इंडोनेशियाई राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया है कि राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, लेकिन दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँचने में भारी मुश्किलें आ रही हैं। बाढ़ और भूस्खलन ने न केवल जान-माल का नुकसान किया है, बल्कि हजारों लोगों को बेघर कर दिया है और बुनियादी ढाँचे (सड़कें, पुल, बिजली आपूर्ति) को व्यापक रूप से नष्ट कर दिया है।
पड़ोसी देशों जैसे भारत, बांग्लादेश, और फिलीपींस में भी भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त किया है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के पैटर्न में आ रहे बदलाव को इन अप्रत्याशित और अत्यधिक वर्षा की घटनाओं का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। सरकारें अब विस्थापित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, भोजन और चिकित्सा सहायता प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठन भी राहत प्रयासों में सहयोग दे रहे हैं, लेकिन मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका अभी भी बनी हुई है क्योंकि कई लोग अभी भी लापता हैं।