अमेरिकी रक्षा विभाग ने फिर से हवाई हमले की पुष्टि की
वाशिंगटनः अमेरिकी रक्षा विभाग, पेंटागन ने हाल ही में घोषणा की है कि पूर्वी प्रशांत महासागर में एक और संदिग्ध नारको-टेररिस्ट तस्करी नाव पर अमेरिकी तटरक्षक बल और नौसेना के संयुक्त अभियान में हमला किया गया। यह कार्रवाई अमेरिकी सीमाओं और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को बनाए रखने के व्यापक प्रयास का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य संगठित अपराध और आतंकवाद को वित्तपोषित करने वाली अवैध मादक पदार्थों की तस्करी को बाधित करना था। पेंटागन के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि इस ऑपरेशन के दौरान नाव पर मौजूद चार संदिग्ध मारे गए। यह ऑपरेशन तब शुरू हुआ जब खुफिया जानकारी मिली कि नाव बड़ी मात्रा में कोकीन ले जा रही थी और इसका संबंध उन संगठनों से है जो क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करते हैं।
परिचालन विवरण और प्रभाव: सैन्य सूत्रों के अनुसार, इंटरसेप्शन अत्यधिक जोखिम भरा था, क्योंकि तस्कर अक्सर सशस्त्र होते हैं और आत्मसमर्पण करने के बजाय मुकाबला करते हैं। अमेरिकी नौसैनिक संपत्ति, जिसमें एक तटीय गश्ती पोत और हवाई निगरानी शामिल थी, को संदिग्ध पोत को ट्रैक करने और उसे रोकने के लिए तैनात किया गया था।
यह बताया गया है कि संदिग्धों ने रोकने के संकेतों का जवाब नहीं दिया और शत्रुतापूर्ण कार्रवाई शुरू की, जिसके परिणामस्वरूप बल का उपयोग करना पड़ा। इस सफल अवरोधन से अनुमानित 100 मिलियन डॉलर से अधिक मूल्य की कोकीन जब्त की गई। यह कार्रवाई मैक्सिको और मध्य अमेरिका से होकर संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप तक जाने वाले महत्वपूर्ण मादक पदार्थों के तस्करी मार्गों को निशाना बनाने की व्यापक अमेरिकी रणनीति का हिस्सा है।
इस प्रकार के अभियान न केवल अवैध ड्रग्स को बाजार तक पहुंचने से रोकते हैं, बल्कि उन आतंकवादी समूहों के वित्तीय साधनों को भी बाधित करते हैं जो अक्सर मादक पदार्थों की तस्करी से प्राप्त धन पर निर्भर करते हैं। ऑपरेशन के दौरान हुई मौतों की जांच सामान्य प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
अंतर्राष्ट्रीय महत्व: यह घटना दिखाती है कि कैसे प्रशांत महासागर अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थों की तस्करी के लिए एक प्रमुख युद्धक्षेत्र बन गया है। इस तरह के अभियान, हालांकि विवादास्पद हो सकते हैं, संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच जटिल गठजोड़ को तोड़ने के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए एक दोहरा खतरा पैदा करते हैं।