Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, जंतर-मंतर पर ढोल-नगाड़ों संग जश्न; सीजेपी ने बताया 'लोकतं... अड़ियल रवैया पड़ा भारी! पेपर लीक बवाल के 36 दिन बाद क्यों हुआ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा? समझें 5 ब... 'झुकती है दुनिया...': धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर Gen-Z का जश्न, अभिजीत दीपके ने... Jantar Mantar NEET Protest: जंतर-मंतर पर भयंकर बवाल! 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल, 15 FIR दर्ज; 3... Bihar Bandh Patna Clash: पटना के डाकबंगला चौराहे पर पुलिस और छात्रों में झड़प; पथराव व लाठीचार्ज के ... NEET Paper Leak Movement: देशव्यापी हुआ नीट विरोध आंदोलन! दिल्ली, बिहार और उत्तराखंड में पुलिस-छात्र... Education Minister Resignation Update: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र... Ranchi AISA Protest: दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर AISA... Jharkhand Teacher ACP MACP News: झारखंड के प्रारंभिक शिक्षकों को नहीं मिलेगा ACP और MACP का लाभ, हेम... Jharkhand Teacher Association Protest: ACP-MACP न मिलने पर भड़के झारखंड के प्राथमिक शिक्षक, सुप्रीम ...

गाजा में इजराइल की रणनीति फेल! हमास विरोधी गुट के नेता यासिर अबू शबाब की हत्या, विकल्प खड़ा करने के प्लान को बड़ा झटका

गाजा में इजराइल को बड़ा झटका लगा है. हमास विरोधी गुट के नेता यासिर अबू शबाब की हत्या कर दी गई है. यासिर गाजा पट्टी में इजराइल समर्थित मिलिशिया के नेता और एक्टिव ‘पॉपुलर फोर्सेज’ नामक ग्रुप का कमांडर था. वह इजरायल के समर्थन से हमास के खिलाफ काम करता था. इजराइली मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिणी गाजा के रफा शहर के पूर्वी हिस्से में एक इंटरनल क्लैश में उसकी हत्या कर दी गई.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे मामले में इजराइली सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि अबू शबाब को उसके अपने लोगों ने ही पीट-पीटकर मार डाला, क्योंकि उन्हें उसका इजराइल से गुप्त सहयोग पसंद नहीं था. झगड़ा इस बात पर था कि वह इजराइल के साथ मिलकर काम कर रहा था. मारपीट इतनी तेज हुई कि वह बुरी तरह घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई.

अबू शबाब के डिप्टी रसन ने की मौत की पुष्टि

उसके डिप्टी रसन अल-धीनी ने फेसबुक पर एक कुरान की मशहूर आयत लिखकर उसकी मौत की पुष्टि की. अब उम्मीद है कि रसन अल-धीनी ही ‘पॉपुलर फोर्सेज’ मिलिशिया का नया सरदार बनेगा. बता दें कि यासिर अबू शबाब दक्षिणी गाजा के रफा इलाके में एक बेदुईन कबीले का मुखिया था. यह इलाका अभी इजराइल के कब्जे में है. वह हमास के खिलाफ कई छोटे गुटों में सबसे ताकतवर नेता था.

हमास ने अबू शबाब को बताया था इजराइली एजेंट

अबू शबाब की मौत को इजराइल के लिए बहुत बड़ा नुकसान माना जा रहा है, क्योंकि वह हमास के खिलाफ सबसे मजबूत आवाज था. हमास ने अबू शबाब को इजराइल का एजेंट बताया था और अपने लड़ाकों को आदेश दिया था कि उसे मार डालो या जिंदा पकड़ लो.

जून 2025 में इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने खुद माना था कि इजराइल ने गाजा के उन कबीलाई गुटों को हथियार दिए थे, जो हमास के खिलाफ थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने इस बारे में और कुछ नहीं बताया. कुछ इजराइली अखबारों ने लिखा कि अबू शबाब दक्षिणी इजराइल के सोरोका अस्पताल में इलाज के दौरान मरे, लेकिन अस्पताल ने साफ कह दिया कि उनके यहां ऐसा कोई मरीज भर्ती ही नहीं था.

कौन था अबू शबाब?

अबू शबाब एक वक्त अपराध की दुनिया का जाना माना नाम था. हमास ने उसे ड्रग्स तस्करी, चोरी और हत्या के आरोप में जेल में डाला था. इजराइल-हमास युद्ध के दौरान इजराइली हवाई हमलों में जेल से भाग गया. 2024-2025 में उन्होंने ‘पॉपुलर फोर्सेज’ नामक समूह बनाया, जिसमें 100-300 लड़ाके थे. यह समूह हमास-नियंत्रित क्षेत्रों में छापेमारी करता था और इजराइली क्षेत्रों में पीछे हट जाता था.