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विधानसभा में राक्षसी बनकर विरोध जताने पहुंची विधायक, मंत्री बोले- चेहरा बचाने कांग्रेस का स्टंट

भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा का पहला दिन ही हंगामेदार रहा. विपक्षी कांग्रेस ने सरकार के जहरीली दवाओं से हुई बच्चों की मौत के मुद्दे पर जमकर घेरा. कांग्रेस विधायक छिंदवाड़ा और इंदौर में हुई बच्चों के मौत के विरोध में बच्चों के पुतलों को सफेद कपड़ों में लेकर पहुंचे.

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार को आज तक स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी तय करने, समीक्षा करने और दोषियों पर कार्रवाई करने की फुर्सत नहीं मिली. उमंग सिंघार ने विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मृतक बच्चों को श्रद्धांजलि दी. साथ ही एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जान गंवाने वाले बीएलओ को श्रद्धांजलि दी. इस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई.

कांग्रेस ने पूछा जहरीली दवा की खरीदी किसके संरक्षण में ?

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रदेश की लाचार, लापरवाह और भ्रष्ट स्वास्थ्य व्यवस्था ने मासूम बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किया है. छिंदवाड़ा में जहरीली दवा से कई बच्चे मौत की नींद सो गए. जबकि इंदौर हॉस्पिटल में चूहों की वजह से कई बच्चों की मौत हो गई.

उन्होंने कहा, दवाओं की गुणवत्ता, लाइसेंसिंग, परीक्षण और सप्लाई की पूरी जिम्मेदारी सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होती है, लेकिन सरकार ने अब तक न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की और न ही किसी बड़े जिम्मेदार अधिकारी या मंत्री पर कार्रवाई की. सवाल है कि आखिर जहरीली दवाओं की खरीदी किसके संरक्षण में हुई? दोषी कंपनी और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर, गिरफ्तारी और अभियोजन की स्थिति क्या है?

सदन में दी श्रद्धांजलि, मंत्री ने जताई आपत्ति

उधर विधानसभा में दिवंगतों को श्रद्धांजलि देते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जहरीली कफ सिरप से दिवंगत हुए बच्चों को भी श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए थी. क्या सरकार की यही संवेदनशीलता है? नेता प्रतिपक्ष ने इंदौर के एमवाई हॉस्पिटल के मृतक बच्चों और एसआईआर के दौरान मृत हुए बीएलओ को भी श्रद्धांजलि दी. हालांकि सत्ता पक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह सामान्य चर्चा नहीं है, विपक्ष ऐसे समय भी राजनीति कर रहा है. विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र तोमर ने कहा कि निधन के उल्लेख को लेकर विधानसभा की परंपरा बनी हुई है कि हम विषय से बाहर न जाएं.

बीजेपी बोली- चेहरा बचाना चाहती है कांग्रेस

उधर मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को प्रदेश की जनता ने विपक्ष में रहकर काम करने की जिम्मेदारी सौंपी है, लेकिन उसने विधानसभा सत्र में जनता की समस्या से संबंधित एक भी विषय नहीं उठाया. सिर्फ हंगामा करके मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए कांग्रेस ने विधानसभा के मंच का दुरूपयोग करने की कोशिश की है. हम सार्थक कानून बनाना चाहते हैं, उसके साथ ही यहां जनता की समस्याओं पर चर्चा हो हम ये चाहते हैं.

कहा, कांग्रेस सदन की कार्यवाही को लेकर गंभीर नहीं है. सरकार हर प्रश्न का जवाब देने के लिए तैयार है. कांग्रेस के पास कोई मुद्दा ही नहीं है. उधर कांग्रेस के प्रदर्शन पर मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि सदन के बाहर कांग्रेस क्या कहती है मुझे उस पर टिप्पणी नहीं करना, लेकिन जब सदन चल रहा हो, तो सदन के अंदर बात उठाएं तो अच्छा लगेगा.