Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Indian Education Update: एनसीईआरटी ने अपडेट किया कक्षा 9 का सोशल साइंस पाठ्यक्रम; SIR, EVM और गठबंधन... Ram Mandir Trust Meeting: चढ़ावा विवाद के बीच विहिप और ट्रस्ट की अहम बैठक; चंपत राय पर टिकी सबकी नजर... Bihar Sugarcane Policy 2026: बिहार सरकार का बड़ा ऐलान; मात्र 1 रुपये में मिलेगी 40 एकड़ जमीन, चीनी मिल... Ketan Agarwal Murder Case: पुणे हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा; मंगेतर सिया और प्रेमी चेतन ने तीस... Uttarakhand Border Tension: निहंगों के उत्तराखंड कूच पर हाई अलर्ट; कुल्हाल बॉर्डर पर भारी पुलिस बल त... Ashura in Iran: ईरान में मुहर्रम का मातम; इमाम हुसैन की शहादत को याद कर भावुक हुए लोग Ram Mandir Donation Row: शिवसेना की 4 किलो चांदी की ईंट कहां गई? संजय राउत के गंभीर आरोपों से मचा हड़... Monsoon Alert 2026: मानसून की रफ्तार तेज; दिल्ली, यूपी, बिहार और एमपी सहित कई राज्यों में भारी बारिश... BJP OBC Politics: काशी में बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक; अशोक चौरसिया को कमान देकर पिछड़ा वर्ग को साधने क... Lohagad Murder Case: पुणे मंगेतर हत्याकांड में SIT जांच के निर्देश; विधानसभा में गूंजा केतन अग्रवाल ...

ABVP ने RGPV के खिलाफ खोला मोर्चा, यूनिवर्सिटी के अफसरों ने 8 करोड़ की FD हड़पी !

भोपाल : राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) प्रबंधन पर आरोप है कि नैक की ए प्लस प्लस ग्रेडिंग के लिए एसएसआर में गलत रिपोर्ट दी गई है. इसी को लेकर कुलगुरु को इस्तीफा भी देना पड़ा था. अब एक और विवाद आरजीपीवी में गर्म है. एबीवीपी का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन के अधिकारियों द्वारा बैंक में जमा करोड़ों रुपये की एफडी गायब कर दी गई है.

फारेंसिक ऑडिट में गड़बड़ी पकड़े जाने का आरोप

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत संयोजक शिवम जाट का कहना है “यूनिवर्सिटी में किए गए फॉरेंसिक ऑडिट में वित्तीय कुप्रबंधन सामने आया है. इसमें यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के साथ बैंकों की मिलीभगत भी सामने आ रही है. रिपोर्ट की फाइडिंग से पता चला कि विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा बीते वर्षों में करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई.”

जल्दबाजी में रखी गई ईसी सदस्यों की बैठक

विद्यार्थी परिषद का आरोप है “मामले को दबाने के लिए रिपोर्ट पर कार्यपरिषद के अनुमोदन के लिए प्रबंधन ने जल्दबाजी में 2 दिसंबर को ईसी की बैठक बुलाई है. इसके लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने ईसी सदस्यों को 26 नवंबर को ही ऑडिट रिपोर्ट से संबंधित चिह्नित बिंदु संलग्न कर दिए.”

एबीवीपी के प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी का आरोप है “फॉरेंसिक ऑडिट में यूनिवर्सिटी द्वारा 115 करोड़ रुपये से अधिक किया गया खर्च संदेह के दायरे में है. 7.91 करोड़ रुपये की कराई गई 5 एफडी के रिकार्ड गयाब हैं. समय सीमा पूरी होने के बाद इन एफडी की कीमत साढ़े 8 करोड़ रुपये से अधिक होती. बैंक और यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने मिलीभगत कर मैच्योर होने से पहले ही एफडी तोड़ दी.”

एबीवीपी ने की धारा 54 लगाने की मांग

प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी का कहना है “यूनिवर्सिटी में बड़े स्तर पर अकादमिक और आर्थिक भ्रष्टाचार किया गया है. पहले एसएसआर में गलत आंकड़े दिखाकर नैक की ए प्लस प्लस ग्रेडिंग हासिल की. अब बैंकों में जमा एफडी और कैश में आर्थिक भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है.”

चतुर्वेदी ने कहा “एबीवीपी शुरू से ही इस मामले को लेकर धारा 54 लगाने की मांग कर रहा है. इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग भी की जा रही है. सोमवार को विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा अकादमिक और आर्थिक भ्रष्टाचार के लिए एबीवीपी प्रदर्शन करेगा.”

एबीवीपी के आरोप राजनीति से प्रेरित बताए

वहीं, आरजीपीवी के जनसंपर्क अधिकारी शशि रंजन अकेला ने बताया “छात्रों द्वारा लगाए जा रहे आरोप राजनीति से प्रेरित हैं. यूनिवर्सिटी द्वारा ऑडिट रिपोर्ट अध्ययन के लिए ईसी सदस्यों को भी दी गई है, यदि इसमें अनियमितताएं हैं, तो ईसी सदस्यों को अपनी बात रखने का अधिकार है. इसीलिए 2 दिसंबर को ईसी की बैठक आयोजित की जा रही है. छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है.”