सरगुजा : राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में पीजी कक्षाओं में प्रवेश की प्रक्रिया शुरु हो गई है. इस बार मेडिकल कॉलेज में कुल 46 सीटों के लिए एडमिशन लिए जाएंगे. प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब तक 3 छात्र छात्राओं ने एडमिशन लिया है. दो छात्रों ने सर्जरी और एनाटॉमी विभाग में एडमिशन लिया है. इसके साथ ही तीन अन्य एमबीबीएस छात्रों ने अपने दस्तावेज जमा किए हैं.
2022 में मिली थी मंजूरी
साल 2022 में एनएमसी से कॉलेज को अलग-अलग विषयों में पीजी कक्षाओं के संचालन के लिए कुल 46 सीटों की अनुमति मिली थी. समय के साथ फैकल्टी की कमी के कारण सीटों की संख्या घटती गई, लेकिन इस बार फिर से मेडिकल कॉलेज में प्रबंधन ने सभी 46 सीटों पर एडमिशन लेने का फैसला लिया है. पीजी कक्षाओं के लिए अलग-अलग विषयों के लिए स्टेट और ऑल इंडिया कोटा से 23-23 सीटें निर्धारित की गई है.
ऑल इंडिया कोटा से तीन एडमिशन
कोटा निर्धारण के बाद कॉलेज प्रबंधन ने सीट अलॉटमेंट की जानकारी मेडिकल काउंसलिंग कमेटी को भेजी थी. इस दौरान अलग-अलग कारणों से पीजी सीटों पर देशभर में प्रवेश प्रक्रिया लंबित होती गई. लेकिन 22 नवम्बर से एडमिशन की प्रक्रिया आखिरकार शुरू हुई. प्रक्रिया शुरू होने के बाद 24 से 27 नवम्बर तक की स्थिति में ऑल इंडिया कोटा में कुल 3 चिकित्सक स्टूडेंट्स ने पीजी कक्षाओं में एडमिशन लिया है. मेडिकल कॉलेज में एमडी एनाटॉमी में कोलकाता से दिव्यो स्वरुप चक्रवर्ती, एमएस सर्जरी में बिहार चंपारण से कार्तिक राज और ओडिसा से संगीता महालिक ने प्रवेश लिया है.
इस बार कॉलेज में कुल 46 सीटों पर प्रवेश लिया जाना है. इसमें से अब तक 3 पीजी सीटों पर एडमिशन लिया गया है जबकि अन्य छात्रों ने अपने दस्तावेज जमा किए हैं – डॉ. परमानंद अग्रवाल, को-ऑर्डिनेटर एडमिशन विभाग
किन सीटों के लिए होगा एडमिशन
राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में कुल 46 सीटों का अलॉटमेंट हुआ है.
- एनेस्थिसियोलॉजी(Anesthesiology )- 4
- एनाटॉमी(Anatomy)- 3
- बायोकेमिस्ट्री- 1
- जनरल मेडिसिन- 5
- जनरल सर्जरी- 4
- माइक्रोबायोलॉजी- 3
- स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग- 3
- ऑप्थेल्मोलॉजी- 3
- ओर्थोपेडिक्स- 2
- ईएनटी- 2
- पीडियाट्रिक्स- 2
- पैथोलॉजी- 3
- फॉर्मेकोलॉजी- 3
- फिजियोलॉजी- 3
- प्रीवेंटिव सोशल मेडिसिन(Preventive and Social Medicine)-3
अन्य कॉलेज से फैकल्टी की कमी होगी पूरी
कॉलेज प्रबंधन ने फैकल्टी की कमी के कारण पिछले साल माइक्रोबायोलॉजी और फार्मेकोलॉजी विषय में एडमिशन नहीं लिए थे. इस बार कॉलेज में फैकल्टी तो है लेकिन उनका कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है. इसके लिए कॉलेज प्रबंधन ने किसी अन्य कॉलेज से फैकल्टी को अटैच कर एडमिशन लेने का फैसला किया,लेकिन पढ़ाने का काम मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी ही करेंगे.