Breaking News in Hindi

अमेरिका ने रूस पर साइबर हमले के नए प्रतिबंध लगाए

महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को लक्षित करने का आरोप

वाशिंगटनः संयुक्त राज्य अमेरिका ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को लक्षित करने वाले दुर्भावनापूर्ण साइबर हमलों में कथित संलिप्तता के लिए रूस पर नए और कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा जारी किए गए इन नए प्रतिबंधों में कई रूसी संस्थाओं और व्यक्तियों को शामिल किया गया है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी (जीआरयू) और संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) के लिए काम करते हैं। इस कार्रवाई से दोनों देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंध और अधिक बिगड़ने की आशंका है।

व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने एक ब्रीफिंग में कहा कि यह कार्रवाई विशेष रूप से अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली, जल शोधन संयंत्रों और बिजली ग्रिड जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर रूस द्वारा प्रायोजित समूहों द्वारा किए गए लगातार और बढ़ते साइबर हमलों के जवाब में की गई है। प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अपने डिजिटल नेटवर्क की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा और साइबर स्पेस में अस्थिर करने वाले व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा। नवीनतम प्रतिबंध रूसी वित्तीय प्रणाली तक पहुँच को सीमित करेंगे और उन संस्थाओं के साथ किसी भी अमेरिकी व्यापार को प्रतिबंधित करेंगे जिन्हें नामित किया गया है।

यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद से, पश्चिमी देशों ने रूस पर साइबर जासूसी और हैकिंग के प्रयासों में वृद्धि का आरोप लगाया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, रूस का उद्देश्य केवल सूचना एकत्र करना नहीं है, बल्कि संभावित रूप से इन महत्वपूर्ण प्रणालियों को बाधित करना और अमेरिकी जनता के बीच डर पैदा करना है। उन्होंने उल्लेख किया कि नवीनतम लक्षित इकाई एक शैडो ब्रेक नामक समूह है, जिसने कथित तौर पर पिछले महीने एक प्रमुख अमेरिकी अस्पताल नेटवर्क को सफलतापूर्वक भंग कर दिया था, जिससे लाखों रोगियों का डेटा जोखिम में पड़ गया था।

इन प्रतिबंधों की घोषणा के तुरंत बाद, रूस की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इन आरोपों को आधारहीन और भड़काऊ बताया। उन्होंने कहा कि रूस किसी भी साइबर युद्ध में शामिल नहीं है और अमेरिकी प्रतिबंधों का उद्देश्य केवल रूस के खिलाफ पश्चिमी देशों के रुग्ण फोबिया को बढ़ावा देना है। उन्होंने चेतावनी दी कि मॉस्को अंधाधुंध शत्रुतापूर्ण कृत्यों का जवाब आनुपातिक और प्रभावी तरीके से देगा।

यह ताजा कार्रवाई साइबर स्पेस को एक नया युद्धक्षेत्र बनाने की बढ़ती वैश्विक चिंता को रेखांकित करती है, जहाँ राष्ट्र-राज्य दुश्मन की क्षमताओं को कमजोर करने के लिए डिजिटल टूल का उपयोग कर रहे हैं। अमेरिका का यह कदम अपने सहयोगियों को भी इसी तरह के कठोर उपाय करने के लिए प्रेरित कर सकता है, जिससे साइबर सुरक्षा और भू-राजनीतिक संघर्ष के बीच की रेखा धुंधली हो जाएगी। अमेरिकी प्रशासन इस बात पर जोर देता रहा है कि साइबर सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का एक अनिवार्य हिस्सा है और इस संबंध में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।